पत्रकार पर दर्ज फर्जी मुकदमे के खिलाफ ज़िले भर के पत्रकारों ने भरी हुंकार, शहर की सड़कों पर उतर कर सैकड़ों पत्रकारों ने की नगर कोतवाल को निलंबित करने की मांग

एजाज अली

जनपद के प्रतिष्ठित मान्यता प्राप्त एक टीवी चैनल के पत्रकार पर नगर कोतवाल मधुपनाथ द्वारा व्यक्तिगत रंजिश के तहत संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने के मामले को लेकर जिलेभर के पत्रकार आंदोलित हो गए हैं। मंगलवार को सुबह 10 बजे से ही शहर के घंटाघर पार्क पर पत्रकारों का जमावड़ा शुरू हो गया। जिसके बाद पत्रकारों ने नगर कोतवाल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क पर उतर कर प्रदर्शन कर नगर कोतवाल को निलंबित किए जाने की मांग की।

बता दें कि श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के नेतृत्व में जिले के आधा दर्जन पत्रकार संगठनों, आल इण्डिया पोर्टल जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईपजा), पत्रकार संघर्ष समिति, आदर्श पत्रकार वेल्फेयर एसोसिएशन, मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन, यूनाइटेड जर्नलिस्ट वेल्फेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश व ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के सैंकड़ों पत्रकारों ने एक ज्ञापन प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया नई दिल्ली, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश सरकार, अपर मुख्य सचिव (गृह) उत्तर प्रदेश, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, अपर पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक जोन गोरखपुर, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रमजीवी पत्रकार यूनियन नई दिल्ली व प्रदेश अध्यक्ष श्रमजीवी यूनियन लखनऊ तथा जिलाधिकारी बहराइच डॉक्टर दिनेश चंद को सौंपते हुए, नगर कोतवाल को 24 घंटे के भीतर निलंबित करने की मांग की है और मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
ज्ञात हो कि श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष वीरेंद्र श्रीवास्तव वीरू व महामंत्री प्रदीप तिवारी के नेतृत्व में नगर कोतवाली में वरिष्ठ पत्रकार पर दर्ज मुकदमा मामले में जिले के सभी पत्रकार संगठनों से एकजुट होकर सड़क पर उतर कर विरोध जताने का आह्वान किया गया था. मंगलवार सुबह 10 बजे से ही शहर के शाही घंटाघर पार्क पर विभिन्न पत्रकार संगठनों के सैकड़ों पत्रकारों का जमावड़ा शुरू हो गया। जिसके बाद पत्रकारों ने नगर कोतवाल की बर्खास्तगी की मांग करते हुए घंटाघर से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च किया और नगर कोतवाल की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान जिलाधिकारी को संबोधित एक पत्र सौंपते हुए श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष वीरेन्द्र श्रीवास्तव वीरू ने बताया कि व्यक्तिगत रंजिश के तहत संगीन धाराओं में श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के पूर्व अध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार सलीम सिद्दीकी पर नगर कोतवाल मधुपनाथ मिश्रा द्वारा मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसको लेकर संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा अवगत जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान को अवगत कराया गया था। परंतु 7 दिन बीत जाने के बाद भी दोषी कोतवाल को न ही निलंबित किया गया और न ही उनका स्थानांतरण किया गया है। इससे रुष्ट होकर मंगलवार को श्रमजीवी यूनियन सहित जिले के सभी पत्रकार संगठन नगर कोतवाल के निलंबन की मांग करते हुए जिला प्रशासन से अपेक्षा करते हैं कि आगामी 24 घंटे में नगर कोतवाल मधुपनाथ मिश्रा को निलंबित करें अन्यथा समस्त पत्रकार संगठन अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। वहीं मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन के अध्यक्ष मान्यता प्राप्त पत्रकार शादाब हुसैन ने नगर कोतवाल द्वारा दर्ज किए गए मुकदमे को गलत बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की और कोतवाल पर कार्यवाही न होने पर अनिश्चितकालीन प्रदर्शन की चेतावनी दी है। वहीं ऑल इंडिया पोर्टल जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईपजा) के संस्थापक फराज़ अंसारी ने कहा कि नगर कोतवाल द्वारा एक मान्यता प्राप्त पत्रकार पर इस तरह से अपनी व्यक्तिगत रंजिश के चलते दर्ज किया गया मुकदमा शासन की गाइड लाइन के विपरीत है। उन्होंने कहा कि नगर कोतवाल का विवादों से पुराना नाता है और अपनी कार्यप्रणालियों के चलते आए दिन वो सुर्खियों में छाए रहते हैं। जिसके बाद उन्होंने कहा कि यदि जिला प्रशासन तानाशाह कोतवाल के खिलाफ कार्यवाही नहीं करेगा तो आईपजा संगठन आर-पार की लड़ाई लड़ने को बाध्य होगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। वहीं इस दौरान आईपजा के संरक्षक मान्यता प्राप्त पत्रकार अरशद क़ुददूस ने कहा कि नगर कोतवाल मधुपनाथ मिश्रा द्वारा बिना जिला मजिस्ट्रेट/कलेक्टर की अनुमति के एक मान्यता प्राप्त पत्रकार को भू-माफिया बताने वाला प्रेस नोट जारी किया है जो विधिक रुप से पूर्णिया गलत है विधि विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि कोतवाली नगर क्षेत्र में हाल ही में हूई लाखों की चोरी व सत्ताधारी दल के विधायक को जान से मारने की धमकी देने के मामले सहित अन्य मामलों का खुलासा कर पाने में नाकाम नगर कोतवाल मधुपनाथ मिश्रा पत्रकारों पर बेजा दबाव बनाने व अपनी व्यक्तिगत खुन्नस निकालने के लिए फर्जी मुकदमे लाद रहे हैं जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के विपरीत है। वहीं इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार संजय मिश्रा ने कहा कि नगर कोतवाल द्वारा वरिष्ठ पत्रकार पर व्यक्तिगत रंजिश के तहत दर्ज किया गया मुकदमा निंदनीय है उन्होंने जिला प्रशासन से नगर कोतवाल को तत्काल निलंबित करने व प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी अन्य अधिकारी द्वारा कराए जाने की मांग की है। इस दौरान एकत्रित हुए जिले के सैकड़ों पत्रकारों ने इसका समर्थन करते हुए नगर कोतवाल को 24 घंटे के भीतर निलंबित न करने पर अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।

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