पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए …….

कानपुर, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के प्रदेश महासचिव अल्पसंख्यक सभा के अबरार आलम खान ने सवाल किया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए ।
क्योंकि देश में हर चीजों के दाम पेट्रोल और डीजल की वजह से बेतहाशा वृद्धि हो रही है जिसमें सीधे-सीधे केंद्र सरकार इसके लिए जिम्मेदार है । आज पूरे देश में पेट्रोल का दाम ₹100 से ऊपर हो चुका है जबकि कई राज्यों में डीजल का दाम सौ के आसपास होने वाला है जिसकी वजह से मध्यम आय वर्ग और निम्न आय वर्ग और मजदूरों को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है वहीं दूसरी ओर ग्रहणीयों को भी एलपीजी के दामों में हुई बेतहाशा वृद्धि की वजह से घर का बजट बिगड़ चुका है ।
जबकि केंद्र में शासित भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने जनता से वादा किया था कि 35 से ₹40 की कीमत पर पेट्रोल मिलेगा और 350 सौ से ₹400 के बीच में एलपीजी गैस मिलेगी भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किए हुए वादों को पूरा नहीं किया है दूसरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी जी ने अभी तक मूल वृद्धि में किसी भी तरह से जनता को राहत नहीं दिया है ।
राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय शिवपाल सिंह यादव जी ने और प्रदेश अध्यक्ष अल्पसंख्यक सभा के माननीय जर्रार हुसैन जी ने साफ लफ्जों में कहा है कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी जब भी सत्ता में अपनी भागीदारी करेगी प्रदेश की जनता को महंगाई से निजात दिलाने का पूरा काम किया जाएगा । और हर घर के एक बेरोजगार को रोजगार से जोड़ने का काम किया जाएगा , 300 यूनिट बिजली मुफ्त दिलाने का कार्य किया जाएगा , किसानों को मुफ्त सिंचाई का लाभ दिया जाएगा , वृद्धजनों को वृद्धा पेंशन की योजना का लाभ दिया जाएगा और हो रहे भ्रष्टाचार से जनता को मुक्ती दिलाई दी जाएगी
आज उत्तर प्रदेश और केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार होने के बावजूद पूरे देश और प्रदेश के अंदर महंगाई चरम सीमा पर है भ्रष्टाचार व्याप्त है , बेरोजगारी से नौजवान परेशान हैं । लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जनता की समस्याओं से कोई भी लेना देना नहीं है ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

15 − 7 =