बेयर कंज़्यूमर हैल्थ ने भारत में जिम्मेदारीपूर्वक सैल्फ-केयर को बढ़ावा देने के लिए फिक्की के साथ साझेदारी कीसैल्फ-केयर को बढ़ावा देने के लिए फिक्की के साथ साझेदारी की

फिक्की के साथ सह-संयोजित, ‘ सेल्फ – केयर फॉर अ सेल्फ – रेलाइंट इंडिया’ कॉन्फ्रेंस में, बेयर कंज़्यूमर हैल्थ डिवीज़न ने भारत की पहली सेल्फ-केयर काउंसिल लॉन्च की और यह एक राष्ट्रीय सैल्फ केयर नॉलेज सेवा का लान्च करने की योजना बना रहा है।जिम्मेदार सेल्फ केयर छोटी मोटी बीमारियों के लिए दैनिक स्वास्थ्य समाधान की उपलब्धता संभव करती है, जिससे हैल्थकेयर प्रौक्टिशनर पर दबाव कम होता है और उत्पादकता बढ़ती है।

बेयर कंज़्यूमर हैल्थ डिवीज़न ने आज फेडरेशन ऑफ़ इंडियन चैंबर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के साथ आज ‘ सेल्फ – केयर फॉर अ सेल्फ – रेलाइंट इंडिया’ कॉन्फ्रेंस का संयोजन किया। इस समारोह में मुख्य उद्योगों के प्रतिनिधियों एवं कंज़्यूमर हैल्थ विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के दैनिक समाधानों तथा मौजूदा महामारी के दौरान व उसके बाद उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की।

भारत में व्यस्क छोटी मोटी बीमारियों को नजरंदाज करते हैं, जिससे दैनिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता नहीं मिल पाती। इस वजह से व्यक्ति के स्वास्थ्य, सेहत एवं उत्पादकता पर बुरा असर पड़ता है। लैंसेट के अध्ययन के अनुसार औसत भारतीय की सर्वोच्च उत्पादकता की अवधि सात साल तक रहती है। ‘अपेक्षित मानव पूंजी’ में भारत 195 देशों में से 158 वें स्थान पर है या जिस उम्र में व्यक्ति सर्वोच्च उत्पादकता के साथ काम कर सकता है, वह 20 साल से 64 साल के बीच है । साथ ही भारत फंक्शनल स्वास्थ्य की स्थिति में दक्षिण एशिया के क्षेत्र में अन्य देशों से पीछे है। इसमें लर्निंग व उत्पादकता को प्रभावित करने वाली बीमारियों एवं विकृतियों के होने का आकलन किया जाता है। जिम्मेदार सैल्फ-केयर की शुरुआत से इन कमियों को पूरा करने में मदद मिलेगी, स्वास्थ्य बनाए रखने के सक्रिय व्यवहार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा और सेहतमंद कार्यबल सुनिश्चित होगा।

इसके अलावा, भारत में 2027 तक दुनिया का सबसे विशाल कार्यबल होगा । उपभोक्ताओं का स्वास्थ्य श्रम के समय की बर्बादी को कम कर और अस्पताल के खर्च को कम कर उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा ए ।

सैल्फ-केयर समाधान, जो व्यक्तियों एवं अर्थव्यवस्था को अनेक फायदे प्रस्तुत करते हैं, हैल्थकेयर प्रैक्टिशनर्स पर दबाव को भी कम करते हैं। भारत में 1,511 लोगों पर केवल एक डॉक्टर है, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने डॉक्टर -मरीज का अनुपात 1:1000 निर्धारित किया है । उपभोक्ता स्वास्थ्य की प्रस्तुतियां क्लिनिक में होने वाली विज़िट की जरूरत को कम कर सकती है, जिससे सक्रिय दैनिक हैल्थकेयर बना रह सकता है और देश में वंचित समुदायों तक पहुंचा जा सकता है। इससे महामारी के बाद समुदाय बेहतर स्वास्थ्य व उत्पादकता के साथ वापस काम शुरू करने में समर्थ बन सकते हैं।

भारत में उपभोक्ता के स्वास्थ्य में आमूलचूल परिवर्तन की जरूरत को संबोधित करते हुए, बेयर कंज़्यूमर हैल्थ डिवीज़न ने भारत की पहली सैल्फ-केयर काउंसिल लॉन्च की, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य व सततता के बारे में महत्वपूर्ण मुद्दों और भ्रांतियों को संबोधित करना है। यह काउंसिल एक मल्टी-स्टेकहोल्डर संकाय है, जिसमें मीडिया, औद्योगिक संगठनों, टेक्नोलॉजी, इन्फ्रास्ट्रक्चर, एवं अन्य संगठनों सहित विभिन्न सेक्टरों के सदस्य होंगे। इस काउंसिल द्वारा बेयर कंज़्यूमर हैल्थ एक राष्ट्रीय सैल्फ-केयर नॉलेज सेवा लॉन्च करने की योजना बना रहा है, जो सैल्फ केयर पर निरंतर भरोसेमंद व विश्वसनीय जानकारी द्वारा उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के लिए वैज्ञानिक विशेषज्ञता पर आधारित अपनी तरह का पहला डिजिटली-इनेबल्ड समाधान है। यह सेवा जीवन की बेहतर गुणवत्ता एवं ज्यादा उत्पादकता के लिए सक्रिय स्वास्थ्य प्रबंधन को प्रोत्साहित कर सकती है।

‘ सेल्फ – केयर फॉर अ सेल्फ – रेलाइंट इंडिया’ कॉन्फ्रेंस में पैनल वार्ताएं प्रतिष्ठित वक्ताओं जैसे, श्री संदीप वर्मा, कंट्री हेड, बेयर कंज़्यूमर हैल्थ डिवीजन, इंडिया; मिस मंजरी घरत, एकेडेमिशियन एवं प्रेसिडेंट, इंडियन फार्मास्युटिकल एसोसिएशन; डॉ. अवुला लक्ष्मण, सीनियर डिप्टी डायरेक्टर, इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च; डॉ. वी. जी. सोमानी, ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया, सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाईज़ेशन द्वारा की गईं, जिन्होंने भारत में सैल्फकेयर के मौजूदा परिदृश्य और देश में जिम्मेदार सैल्फ-केयर विधियों को तीव्रता से अपनाए जाने की जरूरत का मूल्यांकन किया। गहन वार्ता में श्री एन. के. आहूजा, ड्रग्स कंट्रोलर, हरियाणा एवं श्री अरुण मिश्रा, फिक्की ओटीसी टास्क फोर्स ने उस दिशा के बारे में विस्तार से बताया, जिसमें सैल्फ-केयर में आत्मनिर्भरता के लिए एक आधार की स्थापना, सतत उपभोक्ता स्वास्थ्य सेक्टर बनाने के उद्देश्य से एक विस्तृत ओटीसी नीति के लिए नियामक परिवर्तन एवं सुविकसित फ्रेमवर्क जरूरी है।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए, भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के ड्रग कंट्रोलर जनरल (भारत) डॉ वीजी सोमानी ने कहा कि देश में कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना बताई जा रही है, पर इसी के साथ महामारी से लड़ने के लिए नए समाधान खोजने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ष्हालांकि तीसरी लहर प्रकृति में हल्की हो सकती है, यह विभिन्न समूहों को प्रभावित करेगी। इससे निपटने के लिए हमें तैयार रहने की जरूरत है। जैसा कि भारत COVID-19 महामारी का मुकाबला कर रहा है, उपभोक्ता स्वास्थ्य समाधानों को अपनाने की गति को तेज करना महत्वपूर्ण है, ताकि यह सुनिश्चित हो पाए की इस समय राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली समर्थित है। स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाके और अच्छी तरह से परिभाषित नियमों को लागू करके, उपभोक्ताओं को छोटी बीमारियों के प्रबंधन के लिए सक्रिय उपाय करने के लिए सशक्त बनाया जा सकता है, साथ ही प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के लिए निवारक कार्रवाई भी की जा सकती है। इस प्रकार स्वास्थ्य सलाहकार के हस्तक्षेप की आवश्यकता को कम किया जा सकता है।

संदीप वर्मा, कंट्री हेड, बेयर कंज़्यूमर हैल्थ डिवीज़न – भारत ने कहा, ‘‘मौजूदा समय ने सैल्फ-केयर की जरूरत पर बल दिया, जिससे व्यक्ति की जीवन की गुणवत्ता व उत्पादकता में सुधार हो सकता है और आत्मनिर्भरता का भारत का उद्देश्य पूरा करने में मदद मिल सकती है और यह अगले कुछ सालों में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है। इस महत्वपूर्ण समय में भारत के हैल्थकेयर के ढांचे पर दबाव को कम करना और एक बिलियन से ज्यादा भारतीयों को सही निर्णय लेने में समर्थ बनाना बहुत जरूरी है, ताकि बेहतर स्वास्थ्य व पोषण सुनिश्चित हो। बेहतर कंज़्यूमर हैल्थ देश के पहले सैल्फ-केयर काउंसिल के द्वारा अंशधारकों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि भारत में जिम्मेदार सैल्फ-केयर संभव हो सके और ‘’हैल्थ फॉर आल, हंगर फॉर रन’’ का हमारा उद्देश्य पूरा हो सके। इस प्रयास द्वारा हमें उम्मीद है कि हम सुरक्षित, सुविधाजनक और प्रभावशाली दैनिक स्वास्थ्य समाधानों की उपलब्धता का विस्तार कर सकेंगे।‘’

दिलीप चेनॉय, सेक्रेटरी जनरल, फेडरेशन ऑफ़ इंडियन चैंबर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) ने कहा, ‘‘भारत में सैल्फ-केयर नए व सतत केयर के उदाहरणों की शुरुआत को दर्शाता है, जिससे देश के हैल्थकेयर सिस्टम में परिवर्तन आएगा। हमारा उद्देश्य उपभोक्ताओं के बीच जिम्मेदार स्वास्थ्य के निर्णयों एवं देश में सहजता से उपलब्ध उपभोक्ता स्वास्थ्य की जरूरत को प्रोत्साहित करना है। इस अप्रत्याशित समय में सभी के लिए सकारात्मक परिवर्तन एवं बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के लिए सैल्फकेयर समाधानों की जरूरत पहले से ज्यादा है।’’

बेयर कंस्यूमर हेल्थ के ग्लोबल चीफ मार्केटिंग एवं डिजिटल ऑफिसर, पैट्रिशिया कॉर्सी, जो सैल्फकेयर के लिए पहली ग्लोबल क्रिएटिव काउंसिल का नेतृत्व करते हैं, उन्होंने सहयोग के महत्व पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया में हमारी क्रिएटिव काउंसिल का उद्देश्य उपभोक्ता स्वास्थ्य में किए गए काम का स्तर बढ़ाना है ताकि उपभोक्ताओं को सपोर्ट व शिक्षित किया जा सकेऔर स्वास्थ्य के सर्वोत्तम परिणाम मिल सकें। बेयर कंज़्यूमर हैल्थ में हम देश की पहली सेल्फ केयर काउंसिल के साथ भारत में इस सहयोग का माध्यम का विस्तार करने के लिए उत्साहित हैं। इसके द्वारा हमें उम्मीद है कि हम देश में केयर की उपलब्धता एवं दैनिक स्वास्थ्य संभव बनाने के लिए सर्वश्रेष्ठ विधियों और वैश्विक ज्ञान का आदान प्रदान कर उनका विकास कर सकेंगे।’’

भारत में 125 सालों से मौजूद ग्लोबल लाईफ साईंसेस कंपनी, बेयर ने हाल ही में भारत में अपनी कंज़्यूमर हैल्थ डिवीज़न लॉन्च की, जिसमें एनाल्जेसिक्स, न्यूट्रिशन, एलर्जी, एवं डर्मेटोलॉजी की श्रेणियों में 10 भरोसेमंद एवं विरासतपूर्ण ब्रांड्स का मजबूत पोर्टफोलियो है। ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी गोल्स के तहत, बेयर की कंज़्यूमर हैल्थ डिवीज़न का उद्देश्य दुनिया के वंचित समुदायों में 100 मिलियन लोगों के लिए दैनिक स्वास्थ्य की उपलब्धता का विस्तार करना है। यह डिवीज़न भारत में कंपनी की पहुंच को मजबूत करेगी और संपूर्ण वैल्यू चेन में डिजिटल अवसरों का इस्तेमाल कर, हैल्थकेयर एवं सैल्फ-केयर समाधानों की पहुंच बढ़ाएगी, जागरुकता बढ़ाएगी एवं स्वास्थ्य की विश्वसनीय जानकारी प्रदान करेगी।

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