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Monday, July 22, 2024

लखनऊ में महाघोटाला: बैंक कर्मी, आयकर अधिकारी स‌हित 100 के खिलाफ केस

लखनऊ। लखनऊ में जालसाजों ने बड़े आयकरदाताओं के नाम से बैंक अकाउंट खोले, आयकर विभाग में फर्जी दस्तावेजों से रिटर्न दाखिल किया और करोड़ों रुपयों का रिफंड इन खातों में हड़प लिया।आयकर अधिकारी युवराज सिंह ने इस मामले में 100 लोगों के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें आयकर विभाग के कर्मचारियों, अधिकारियों और बैंककर्मियों की मिलीभगत की भी जांच की जा रही है।

इस मामले के सामने आने के बाद आयकर विभाग में हड़कंप मच गया है। एफआईआर में आयकर अधिकारी का कहना है कि जालसाजों ने उनके आरएसए टोकन और पासवर्ड का दुरुपयोग कर सरकारी धन हड़पा है।

एक महिला की शिकायत से हुआ खुलासा

युवराज ने बताया कि त्रिमूर्ति ग्राम कल्याणपुर निवासी गिरिजा शंकर ओझा की पत्नी ममता ओझा ने 31 अगस्त को शिकायत की थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके नाम पर वित्त वर्ष 2013-14 और 2014-15 के फर्जी आयकर रिटर्न दाखिल किए और रिफंड ले लिया।

इनकी शिकायत पर आयकर विभाग ने जांच की। जांच में सामने आया कि जालसाजों ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की यूपीएसएटीसी टेढ़ी कोठी शाखा में फर्जी फोटो और दस्तावेजों से ममता के नाम से बैंक खाता खोला था और रिफंड के क्रमश: 1,11,750 और 1,06,180 रुपये के इस खाते में प्राप्त किए।इसी तरह राजीव वाजपेयी के नाम से इसी बैंक में फर्जी खाता खोलकर दोनों वित्त वर्षों में 1,06,330 और 1,11,750 रुपये के रिफंड हासिल किए।

इसी तरह सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की महानगर शाखा में मनीष शुक्ला के खाते में 1,04,040 और 1,08,030 रुपये के दो रिफंड, अंकुर अवस्थी के खाते में 1,07,030 और 1,07,530 रुपये के दो रिफंड प्राप्त किए गए। गोमतीनगर के विभव खंड स्थित विजया बैंक में योगेंद्र कुमार के नाम से फर्जी खाता खोलकर रिफंड प्राप्त किए गए।

आयकर अफसर के आएसए टोकन व पासवर्ड का इस्तेमाल

आयकर अधिकारी ने पुलिस को बताया है कि व्यस्तता के चलते उनके स्टाफ के राकेश सिंह व आनंद कनौजिया उनके आरएसए टोकन व पासवर्ड का इस्तेमाल करते थे। ममता की शिकायत पर आयकर विभाग ने जांच की तो उजागर हुआ कि एक दो नहीं बल्कि 100 से अधिक लोगों के फर्जी रिटर्न दाखिल कर करोड़ों रुपये का रिफंड हड़पा गया।

इससे आयकर विभाग में हड़कंप मचा है। पुलिस ने इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की हैं जालसाजी, धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा करने वालों की तलाश शुरू कर दी है।

 समझिए कैसे किया घोटाला

पुलिस का मानना है कि जालसाजों ने आयकर विभाग से साठगांठ करते हुए बड़े करदाताओं के बारे में जानकारियां जुटाईं। उसके बाद करदाताओं के नाम से विभिन्न बैंकों में फर्जी खाते खोले गए।रिटर्न भरने में इन्ही खाता नंबरों का उल्लेख किया गया और रिटर्न के पैसे जमा कराए गए। इसमें बैंककर्मियोें की भी मिलीभगत का अंदेशा है।

जालसाजी के 100 आरोपी
अब तक अभिषेक तिवारी, आकांक्षा कुमारी, अखिलेश कुमारी, अखिलेश नाग, आलोक कुमार, आनंद कुमार, अनिल कुमार, अंकुर अवस्थी, अरुण कुमार पांडा, अरविंद कुमार मिश्रा, आशीष चौरसिया, आशीष प्रताप सिंह चौहान, अशोक कुमार, आशुतोष अवस्थी, बृजकांत पंडित, चंद्रशेखर भारद्वाज, दयाशंकर प्रसाद सहित 100 लोगों के नाम सामने आए हैं।
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