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Wednesday, July 17, 2024

विफल है अखिलेश सरकार : बीजेपी

bjpलखनऊ| सपा सरकार का एक वर्ष पूरा होने पर भारतीय जनता पार्टी ने सरकार के 1 साल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी कान्त बाजपाई ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा की उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार का यह वर्ष विफलता से भरपूर रहा है । उन्होंने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर फेल रही है , समाजवादी पार्टी ने चुनाव में जिन वादों को पूरा करने का सब्ज़ बाग़ जो प्रदेश की जनता को दिखाया था वह प्रदेश की जनता के सामने आ चूका है ।
लक्ष्मी कान्त बाजपाई ने जनता दर्शन, बेरोज़गारी भत्ता, किसान, कानून व्यवस्था, विकास और बजट, लैपटॉप/टेबलेट, नौकरशाही, मुस्लिम तुष्टीकरण,औद्योगिक विकास सहित पिछले 1 साल में हुए दंगों पर भी अखिलेश सरकार को घेरा ।
जनता दर्शन-
जनता दर्शन में हजारों गरीब-गुरबों, उपेक्षित लोगों का लखनऊ आना यह साबित कर रहा था कि जिलों में सम्बन्धित अधिकारी, सपा विधायक व सांसद परेशान हाल जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे है।
लखनऊ में जनता दर्शन में आने वाली भीड़ के कारण सरकार का सच उजागर हो रहा था इसलिए जनता दर्शन बंद कर दिया, क्या यही समस्यओं का हल है।
बेराजगारी भत्ता-
साढ़े आठ करोड़ बांटा-बांटने पे खर्च साढ़े बारह करोड़।
किसी भी बेरोजगार हाथ के लिए एक भी रोजगार सृजन नहीं।
किसान-
गेहूं और धान-खरीद के केन्द्र स्थापित नहीं और घोटाला।
कर्ज माफी में धोखा-1650 करोड़ की आवश्यकता बजट में प्रावधान 950 करोड़ तब घोषित 720 हजार किसानों का कर्जा कैसे मांफ होगा।
कृषि मूल्य आयोग का गठन नहीं।
समर्थन मूल्य पर बोनस नहीं।
गन्ना मूल्य भुगतान की बजट व्यवस्था 400 करोड़-भुगतान शेष 5 हजार करोड।़
आलू निर्यात की व्यवस्था नहीं तथा नये कोल्ड स्टोरज की योजना पर भी अमल नहीं।
किसान की फसल का भुगतान अब मंत्रियों द्वारा चेक बांट कर होगा इसका औचित्य क्या ?
छोटी जोत के किसानों को पेन्शन व्यवस्था की घोषणा पर अमल अभी तक नहीं।
घर से खेत तक की दुर्घटना पर पांच लाख बीमा योजना पर अमल नहीं।
कानून व्यवस्था-
अपराध बढ़े।
सीओ, एसआई और सिपाही मारे जा रहे है।
निर्वार्चित जन प्रतिनिधियों की हत्या हो रही है।
बलात्कारी समाजवादी मंत्रि परिषद और विधायक दल के सदस्य है।
श्री पंडित सिंह व श्री केसी पाण्डेय को संरक्षण, तो कानून व्यवस्था में सुधार कैसे।
पुलिस का मनोबल एक साल में गिरा तब उससे कर्तव्य पालन की आशा कैसे ?
एक साल मंे 34 साम्प्रदायिक दंगे और तनाव-तब पांच साल में कितने होंगें।
अपहरण एक उद्योग के रूप में पुनः विकसित।
गोवंश की हत्या में अभूत पूर्व वृद्धि-मथुरा में 108 गायें लूटकर हरियाणा ले गये।
वूमेन पाॅवर लाइन 1090 सेवा प्रारम्भ सरकार की स्वीकारोक्ति के कम समय में लाखों शिकायतंे आईं-स्पष्ट है कि नीचे कुछ ठीक नहीं है और इन लाखों शिकायतांे में काम किस पर हुआ यह बताने को सरकार तैयार नहीं।
एक वर्ष का परिणाम अपराधी मस्त-जनता और पुलिस त्रस्त
राष्ट्रपति चुनाव के समय में प्रत्याशी के साथ भोज अपराधिक विधायकों की उपस्थिति कानून व्यवस्था के प्रति सरकार की नियत को स्पष्ट करता है।
बिजली आपूर्ति-
शहर मे 22 घंटे देहात में 20 घंटे तथा उद्योग एवं कृषि को बिजली की कमी नहीं का वादा-जनता के साथ छलावा।
प्रदेश अभूतपूर्व बिजली संकट से ग्रस्त है।
संवेदनहीनता-
मथुरा में शहीद हेमराज के घर जाने के फुर्सत स्वयं नहीं दबाव में गये वहीं सीओ जिया उल हक की पत्नी की शर्तोे के आगे घुटना टेक नीति।
टांडा में स्व0 राम बाबू गुप्ता की विद्यवा से कोई सहानभूति नहीं
कुंभ मेला की जिम्मेदारी भारत माता को डायन कहने वाले को और फिर वहां तीर्थ यात्रियों के साथ हुई दुर्घटना पर संवैधानिक मुखिया महामहिम श्री राज्यपाल बाध्यकारी परिस्थितियों में इलाहाबाद गये।
हमारी बेटी-उसका कल-
केवल अल्पसंख्यक बेटियों के लिए तब दलित पिछड़ी और सामान्य वर्ग की बेटियों के कल की चिंता कौन सरकार करेगी।
भ्रटाचार-
बसपा के भ्रष्टाचारियों को जेल भेजने का वादा करके स्व0 पोंटी चढ्ढा के परिवार एवं जेपी ग्रुप से बेशर्मी पूर्ण समझौता सरकार की नीयत को उजागर करता है।
मा0 शिवपाल यादव द्वारा थोड़ा-थोड़ा खाईये की सलाह सरकार की नीति को स्पष्ट करता है।
दिल्ली की यूपीए की भ्रष्टाचारी सरकार को बिना शर्त समर्थन देना सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति भावना को प्रर्दर्शित करता है।
चीनी मिल बिक्री घोटाले पर कोई कार्यवाही न करना सरकार के भ्रष्टाचार के प्रति समर्पण के संकल्प को दर्शाता है।
सोनभद्र में खनन घोटाला।
प्रदेश में मनरेगा घोटाला।
छत्भ्ड घोटाले के अभियुक्त श्री प्रदीप शुक्ला के साथ सक्रिय सहयोग सरकार की भ्रष्टाचारियों के प्रति समर्पण का परिचायक है।
विकास और बजट-
बजट का 49 प्रतिशत ही खर्च कर पाने वाली सरकार यदि विकास का दावा करती है तो प्रदेश की जनता के साथ धोखा है।
केन्द्र पुरोधानित योजनाएं या तो ठप्प है या गति धीमी है।
जिला योजनाओं के स्वीकृत परिव्यय का मात्र 14 प्रतिशत ही धन अवमुक्त कर पाई है।
सपा सरकार में सम्मूर्ण प्रदेश कुछ ही जिलों में सीमित है।
लैपटाॅप/टेबलेट-
गांव में विद्युत आपूर्ति देंगें नही ंतो यह चार्ज कैसे होंगे।
लैपटाॅप पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव जी का फोटो सरकार के राजनीतिकरण का उदाहरण है और दुरूपयोग की परिभाषा।
नौकरशाही-
ताश के पत्ते की तरह एक वर्ष में कई बार फेंटें गये परन्तु परिणाम शून्य।
सत्ता चला नहीं पा रहे और दोष अधिकारियों का दे रहें-नाँच न आवे आँगन टेढ़ा।
मा0 कल्याण सिंह जी, मा0 राजनाथ सिंह व मा0 राम प्रकाश जी के कार्यकाल में भी यही नौकरशाही थी जनता उस कार्यकाल को याद करती है।
मुस्लिम तुष्टीकरण-
इस सरकार की प्रत्येक योजना का पहला लाभार्थी अल्पसंख्यक ही हो इस नियत से सरकार काम कर रही है।
कब्रिस्तानों की सुरक्षा और व्यवस्था के 300 करोड़ शमशान के लिए एक भी पैसा नहीं।
जेल में बंद मुस्लिम आतंकवादियों को निर्दोष बताना और उसका आधार केवल अल्पसंख्यक होना।
औद्योगिक विकास-
आगरा में लगभग 1300 उद्यमियों एवं विदेशी राजदूतों कार्पोरेट जगत के महत्वपूर्ण उद्योगपतियों एवं निवेशकों के सम्मेलन के बाद निवेश का एक भी प्रस्ताव न मिलना सम्मेलन असफल रहा ये प्रमाणित करता है।
शिक्षा-
टीईटी अभ्यर्थियों के मामले में अभी तक सरकार ने अपनी नीति स्पष्ट नहीं की है और रोज-रोज परिवर्तन करती है और टीईटी अभ्यर्थियों की मांग पर लाठी चार्ज करती है।
मा0 शिक्षा परिषद की परिक्षाएं अव्यवस्था से ग्रस्त है और छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है।
स्वास्थ्य-
दिमागी बुखार और उससे मरने वालों के लिए अभी कोई व्यवस्था नहीं है।
खराब जनरेटर के कारण केजीएमसी में बच्चों की मृत्यु सरकार की व्यवस्था की पोल खोल रहा है।
व्यापारी-
व्यापार कर की दर पड़ोसी राज्यों के समान करने की बात तो दूर, प्रदेश में 1.5 प्रतिशत की वृद्धि।
फार्म 38, 26 समाप्त किया जायेगा की घोषणा पर कोई अमल नहीं।
एफडीआई को रिटेल में लागू नहीं करेंगें घोषणा पर फिक्की में जाते ही मुख्यमंत्री पलट गये और केन्द्र सरकार द्वारा एफडीआई लागू करने के निणर््ाय के बाद भी सरकार से समर्थन वापस लिया।
लाठीचार्ज-
माध्यमिक शिक्षकों
आयुष डाॅक्टरों
बाढ़ पीडि़तों
खाद की मांग करते किसानों
ग्राम प्रधानों
उच्च शिक्षा/मानदेय शिक्षकों
तथा अन्य राजनीतिक प्रर्दशनों पर लाठी चार्ज के इलावा इस सरकार ने कभी कुछ नहीं दिया है।
5 C की शिकार-
C-orruption-भ्रष्टाचार को संरक्षण व बढ़ावा दे रही, जांच का भय दिखा स्वयं खजाना भर रही।
C-onfused- .चट निर्णय पट रोल बैक, किसी भी विषय में निर्णय न कर पाना।
C-rime-अपराधों का नया आयाम, अपराधी मस्त-जनता त्रस्त।
C-ommunal-1 वर्ष में 34 दंगें, सरकार की सारी नीतियां एक समुदाय के लिए।
C-ompartmentalised.सरकार का सारा ध्यान 5-6 जिलों तक सीमित।
इससे स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार का एक साल अन्र्तविराधों, अविश्वास व अराजकता की भेंट चढ़ गया। एक साल में ही सरकार का साम्प्रदायिक चेहरा जनता के सामने उजागर हो गया। सपा की यह सरकार बसपा सरकार की कार्बन कापी साबित हुई।
लक्ष्मी कान्त बाजपाई ने कहा कि उत्तर प्रदेश में (सपा सरकार) के शासन में हुए 34 दंगों की सूची भी पेश की ।
1-बरेली-
धार्मिक जुलूस को लेकर बरेली में 2 बार साम्प्रदायिक दंगे हुए
12 अगस्त 2012 को धार्मिक जूलूस को लेकर साम्प्रदायिक हिंसा, कफर््यू
23 जुलाई 2012 बरेली में बवाल, एक मरा पूरे शहर में कफर््यू लगा
2-कोषीकलाॅ-(मथुरा)
14 जून 2012 को एक युवक की हत्या को लेकर साम्प्रदायिक हिंसा, कफर््यू
3-सहारनपुर-
बालिकाओं पर संगठित हमले को लेकर साम्प्रदायिक हिंसा, कफर््यू
4-लखनऊ-
17 अगस्त 2012 को असम हिंसा को लेकर एक समुदाय द्वारा दूसरे वर्ग एवं मीडिया कर्मियों पर हमले को लेकर तनाव, हिंसा
5-इलाहाबाद-
17 अगस्त 2012 असम हिंसा को लेकर आगजनी, साम्प्रदायिक हिंसा, कफर््यू
6-कानपुर-
17 अगस्त 2012 को असम हिंसा को लेकर आगजनी, साम्प्रदायिक हिंसा, कफर््यू
7-गाजियाबाद-
13 अगस्त 2012 छेड़छाड़ को लेकर साम्प्रदायिक हिंसा, कफर््यू
16 सितम्बर 2012 को गोली लगने से 2 युवक की मौत को लेकर साम्प्रदायिक हिंसा
8-फैजाबाद-
24 अक्टूबर 2012 को चैक, मदरसा, रूदौली, प्रतिमा विसर्जन को लेकर साम्प्रदायिक हिंसा, कफर््यू
9-फैजाबाद-
26 अक्टूबर रिकाबगंज-मार्ग पर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान पत्थरबाजी व अभद्रता को लेकर बवाल हो गया, चैक घंटाघर, रूदौली, भदरसा, पिपरी जलालपुर व शाहगंज में जमकर बवाल, पत्थरबाजी, कई वाहनों को किया आग के हवालेव 24 दुकानें जलाई
10-हरदोई-
26 अक्ब्ूबर बसपा विद्यायक पर फायरिंग और पथराव, नाराज समर्थकों ने सड़क जाम कर रोडवेज की 3 बसों को क्षतिग्रस्त किया
11-प्रतापगढ़-
29 अक्टूबर संसारीपुर राजापुर गांव(बकरीद पर बवाल)-में गोकशी कर दी एक गाय काटने के बाद, दूसरी को ले जाते समय दूसरे समुदाय के लोगोे नें सड़क जाम, जमकर बवाल, बंद हुआ पृथ्वीगंज बाजार, टायर फूंका, बसों पर पथराव पीएससी तैनात
12-कानपुऱ-
29 अक्टूबर मामूली बात को लेकर बात इतनी बढ गई कि दो वर्ग आमने सामने जमकर पथराव, मारपीट हुई, उपद्रव में महिला समेत 7 लोग घायल
13-महमूदाबाद़-
1 नवम्बर बालिका के घायल होने पर जलाए गए घर, आग की भेंट चढ़े आवास
14-रायबरेली-
11 नवम्बर बछरावाॅ-छेड़छाड़ को लेकर खूनी संघर्ष, 16 घायल, तलवारें और कुल्हाड़ी चली
15-फर्रूखाबाद-
14 नवम्बर पानी भरने को लेकर दो पक्षो में पथराव, जमकर मारपीट, 6 घायल, भारी पुलिस बल तैनात
16-सुलतानपुर/जयसिहंपुर-
23 नवम्बर ताजिया जुलूस के दौरान बवाल, पुलिस बल की मौजूदगी में ही समुदाय के दो पक्षों के बीच संघर्ष 12 लोग घायल, दो गम्भीर पुलिस पर भी पथराव
17-आजमगढ़-
6 दिसम्बर मामूली विवाद को लेकर दो पक्षों में चली लाठियां 11 घायल, भारी पुलिस बल तैनात
18-प्रतापगढ़-
25 जून को सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या को लेकर साम्प्रदायिक हिंसा
19-मुजफ्फरनगर-
4 जून 2012 को साम्प्रदायिक हिंसा में दो महिला एवं 18 पुरूष घायल
20-कोसीकला
4 फरवरी कोसीकलाॅ में पथराव, एक की मौत, जमकर बवालबाजी
21-मुजफ्फरनगर-
4 फरवरी बरेली में फिर बवाल मारपीट-पथराव, 15 घायल
22-गोण्डा-
7 जनवरी गोण्डा करनैलगंज चले लाठी पत्थर, कई घायल
23-लखनऊ-
12 दो पक्षों में ताजिए को लेकर बवाल, पथराव अफरा-तफरी 4 घायल, तानातानी की दहशत में नक्खास का बाजार बंद
24-लखनऊ-
17 जनवरी वजीरगंज में फायरिंग एक की मौत के बाद जमकर बवाल, 15 लोग जख्मी
25-बरेली-
26 जनवरी बरेली बाकरगंज-जुलूस पर पथराव व फायरिंग
26-सुलतानपुर-
5 जनवरी चेहल्लुम के जुलूस के दौरान दो गुट भिड़े, 4 जख्मी, सुलतानपुर में संघर्ष
27-मुजफ्फरनगर-
10 जनवरी मुजफ्फरपुर-में मारपीट मंे 10 से अधिक घायल, सांप्रदायिक तनाव, राशनडीलर से राशन पहले देेने को लेकर सभासद के भतीजों के द्वारा दंगा
28-नोएडा-
20 फरवरी नोएडा सेक्टर-82,83 में बंद के दौरान हिंसा, वेतन बढ़ाने को लेकर पथराव, आगजनी दमकल की गाड़ी सहित 8 गाडि़यां फूंकी, 2 दर्जन से ज्यादा गाडि़यों में तोड़फोड़, 6 पुलिस कर्मी समेत 12 से ज्यादा लोग घायल धारा-144 लागू कफर््यू के आसार
29-अंबेेडकरनगर-
7 फरवरी छात्रा की मौत के बाद बवाल, सीओ की गाड़ी तोड़ी, जमकर पथराव, लाठीचार्ज भारी पुलिस बल तैनात
30-रायबरेली-
15 फरवरी ऊँचाहार छेड़छाड़ के विरोध में दो पक्षों में जमकर लाठी-डंडे, फरसों से मार हुई, आधा दर्जन लोग लहूलुहान, भारी पुलिस बल तैनात
31-इटावा-
24 फरवरी कचहरी परिसर में शादी के लिए आये युवक-युवती में युवक की हत्या को लेकर इटावा में मालगाड़ी को पथराव कर रोका, बसें व कार तोड़ी, जमकर हुआ बवाल
32-प्रतापगढ़ कुंडा-
3 मार्च 2013 ग्राम बलीपुर-ग्राम प्रधान व उनके भाई की रंजिशन गोली मार कर हत्या, सीओ की भी गोली मार कर हत्या ग्रामीणों में आक्रोश कई पुलिसकर्मी घायल तनाव को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात, दहशत का माहौल, पूरा गांव छावनी में तब्दील
33-अंबेडकर नगर-
4 मार्च 2013 अंबेडकरनगर टांडा-हिन्दू युवा वाहिनी के नेता राम बाबू की हत्या के बाद जमकर बवाल, आगजनी, पथराव, फायरिंग तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात, कफर््यू
34-संभल-
6 मार्च 2013 संभल धार्मिक स्थल को लेकर दो पक्ष भिड़े ताबड़तोड़ फायरिंग, तनाव को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल व पीएसी तैनात

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