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Thursday, January 16, 2025

विश्व स्वास्थ्य दिवस : नहीं मिलती सही सुविधा

विश्व स्वास्थ्य दिवस : नहीं मिलती सही सुविधा

घटिया गुणवत्ता व नकली दवाओ का कारोवार जोरो पर है। सरकारी अस्पताल मे डाक्टरो का अभाव, झोलाछाप डाक्टरो की भरमार , डाक्टर के न होने पर गर्भवती महिला ने दम तोडा ………ये चन्द हैड लाइने अखवारो की सुर्खियो मे होना आम वात हो चुकी है । लाखो रूप्यों स्वास्थ्य योजनाओ मे खर्च होन के वावजूद भी आम आदमी को कोर्इ खास सुविधा नही मिल पा रही है । अमीर व्यकित तो प्रार्इवेट अस्पतालो मे अपना इलाज करा लेता है ,लेकिन गरीब व मध्यम वर्गीय कहा जाये । आवादी के साथ सुविधाओ की दरकार भी बढी मगर स्वास्थ्य व्यवस्था के आगे सब लाचार है।
7 अप्रैल को विश्वस्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। 7 अप्रैल 1948 को विश्वस्वास्थ्य की स्थापना की गयी । इसका मकसद दुनियाभर मे लोगो को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा जनहित को घ्यान मे रखते हुये स्वास्थ्य नीतियो के निर्माण के लिये पे्ररित करना है। विश्वस्वास्थ्य संगठन हर वर्ष एक विषय चुनता है। इस वर्ष 2013 का बिषय ‘उच्च रक्तचाप निर्धारित किया गया है। एन एफ एच आर-2 की रिपोर्ट के अनुसार विश्व मे प्रत्येक वर्ष 3 लाख महिलाओ की मृत्यु गर्भावस्था व वच्चो से जुडे कारणो से हो रही है।
भारत मे डाक्टरो और आवादी का अनुपात भी सन्तोषजनक नही है। ऐसे मे अन्दाज लगाया जा सकता है कि हर वर्ष आने वाली धनराशि कहा और कैसे की जाती है । ग्रामीण क्षेत्रो मे डाक्टरो की कमी हैै। गरीब व्यकित महगी चिकित्सा लेने मे नाकामयाव सावित हो रहे है। आज मौजूद डाक्टरो की संख्या से तीन गुना झोलाछाप डाक्टर है। जो मरीजो के जीवन के साथ खिलवाड कर रहे है।

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