व्यापारी के मन की बात शिक्षक,मजदूर डॉक्टर दिवस की तरह “व्यापारी दिवस” क्यों नहीं

संदीप बंसल

लखनऊ-: अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप बंसल ने आज “व्यापारी के मन की बात” कार्यक्रम के तहत संगठन के मुख्यालय दारुल सफा से पोस्टकार्ड भेजकर प्रधानमंत्री से अपील की शिक्षक, मजदूर, डॉक्टर, योग एवं अन्य दिवस की तरह देश को सर्वाधिक राजस्व एवं रोजगार देने वाले व्यापारी के लिए भी” व्यापारी दिवस” घोषित होना चाहिए ।
संदीप बंसल ने “3 सितंबर” को “राष्ट्रीय व्यापारी दिवस” घोषित किए जाने की मांग आज राजधानी में संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ “100 पोस्टकार्ड” भेजकर की इन पोस्टकार्ड पर “3 सूत्रीय बातें व्यापारी के मन की बात” के रूप में लिखी गई।
जिसमें व्यापारी दिवस के साथ-साथ डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस को वस्तु एवं सेवा कर जीएसटी में शामिल किए जाने जीएसटी की कमियों को दुरुस्त करते हुए किसी भी प्रकार के अर्थ दंड और जुर्माने को कम से कम 1 वर्ष तक स्थगित किए जाने की मांग की गई।

संदीप बंसल ने बताया कि यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में आयोजित किए जा रहे हैं प्रयागराज में कुशीनगर पडरौना में भी यह कार्यक्रम आज आयोजित हुआ है 20 अगस्त तक प्रत्येक जनपद से 500 से 1000 पोस्टकार्ड प्रधानमंत्री के 7 रेस कोर्स रोड आवास पर भेजे जाएंगे और उनमें इन 3 सूत्रीय मांगों को रखा जाएगा उन्होंने कहा कि व्यापारी दिवस के साथ-साथ महंगाई रोकने के लिए डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस का जीएसटी के दायरे में लाया जाना बहुत जरूरी है और इस बार की जीएसटी परिषद की बैठक में प्रधानमंत्री जी को स्वयं इस विषय पर निर्णय कराना चाहिए।


व्यापारी के मन की बात कार्यक्रम में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर महामंत्री सुरेश छबलानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आकाश गौतम,प्रदेश मंत्री मोहनीश त्रिवेदी,उपाध्यक्ष जितेन्द्र कन्नोजिया, युवा महामंत्री अश्विन बर्मा,आर के मिश्रा, बीनू मिश्रा, उमा शंकर पांडे, रूप यादव,देवांश गांधी, जौनपुर से श्रवण जयसवाल, दिनेश कुमार प्रमुख रूप से शामिल हुए।

भवदीय
सुरेश छबलानी
महामंत्री

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

6 + one =