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Monday, July 22, 2024

समाजवादी पार्टी: झगड़ा अभी बाकी है…मुलायम के दिए कई नामों पर अखिलेश को एतराज


लखनऊ,NOI: समाजवादी पार्टी में पिता और पुत्र यानी अखिलेश-मुलायम के बीच झगड़ा अभी खत्म नहीं हुआ है. खबरों की मानें तो मुलायम सिंह के दिए लिस्ट में कई ऐसे नाम हैं, जिन पर अखिलेश यादव को ऐतराज है. अखिलेश ऐसे उम्मीदवारों को टिकट देने के लिए तैयार नहीं हैं.

मुलायम ने अखिलेश को दी 38 नामों की एक लिस्ट

चुनाव आयोग में पार्टी के नाम और सिंबल को लेकर अखिलेश यादव की जीत के बाद मुलायम ने उन्हें 38 नामों की एक लिस्ट दी थी. ये वो नाम थे जो समाजवादी पार्टी में जारी घमासान के समय मुलायम के साथ खड़े थे और मुलायम ये चाहते थे कि अखिलेश उन 38 लोगों को समाजवादी पार्टी की तरफ से टिकट दें.

सूत्रों की मानें तो मुलायम के दिए लिस्ट में कई नामों पर अखिलेश यादव को एतराज है. ऐसे उम्मीदवारों को टिकट देने के लिए अखिलेश यादव तैयार नहीं है. सूत्रों के मुताबिक मुलायम के 38 नामों की लिस्ट में 2 नाम ऐसे हैं जिनपर अखिलेश यादव तो राजी हैं लेकिन रामगोपाल यादव इन लोगों को टिकट देने के लिए तैयार नहीं हैं.

आशीष ने रामगोपाल पर लगाया था ज़मीन माफिया होने का आरोप

एटा से आशीष कुमार यादव समाजवादी पार्टी के विधायक हैं. उनके पिता रमेश यादव यूपी विधान परिषद् के अध्यक्ष हैं और मुलायम सिंह के बेहद करीबी भी हैं. आशीष ने रामगोपाल पर ज़मीन माफिया होने का आरोप लगाया था. नेताजी के कहने पर अखिलेश उन्हें टिकट देने को तैयार है लेकिन रामगोपाल आशीष को टिकट देने के लिए राजी नहीं हो रहे हैं.

 

खबरों के मुताबिक मुलायम के 38 नामों की लिस्ट में अम्बिका चौधरी के लिए बलिया की फेफना सीट मांगी गई है. लेकिन अखिलेश यादव को अम्बिका चौधरी तो दूर उनका चेहरा भी पसंद नहीं है. सूत्रों की मानें तो मुलायम की तरफ से अखिलेश को जो नाम दिए गए है, उनमें से दस से बारह नाम ऐसे हैं जिन पर अखिलेश कभी तैयार नहीं होंगे. तो वहीं एक सीट जसवंतनगर की है. जसवंतनगर सीट से शिवपाल यादव चुनाव जीतते रहे हैं, लेकिन अभी तय नहीं हुआ है कि इस बार वे खुद लड़ेंगे या फिर उनके बेटे आदित्य यादव.

यह हम दोनों पिता-पुत्र  का आपसी मामला

इससे पहले पिता मुलायम सिंह से खटपट पर अखिलेश यादव ने कहा था कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) का आशीर्वाद हमेशा हम पर रहा है. कल ही उन्होंने मुझे आशीर्वाद दिया है. यह हम दोनों पिता-पुत्र का आपसी मामला है.

अखिलेश ने इसके साथ ही बताया, “हम दोनों की लिस्ट में 90 फीसदी उम्मीदवारों के नाम कॉमन थे.” कांग्रेस से गठबंधन के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि अभी दोनों पार्टियों में बातचीत चल रही है. गठबंधन के फैसले का एलान लखनऊ से ही होगा.

अखिलेश की हुई समाजवादी पार्टी और साइकिल

आपको बता दें कि समाजवादी पार्टी के दंगल में सोमवार को चुनाव आयोग ने बेटे अखिलेश की जीत का एलान किया और उन्हें न सिर्फ साइकिल चुनाव चिन्ह मिला, बल्कि समाजवादी पार्टी भी उन्हीं की झोली में आई. चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद कई महीनों से चल रही समाजवादी पार्टी के अंदर वर्चस्व की लड़ाई अखिलेश के विजय के साथ ही खत्म हो गई है.

चुनाव आयोग ने समाजवादी पार्टी और चुनाव चिन्ह साइकिल दोनों अखिलेश को दे दी है. चुनाव आयोग में अखिलेश ने समर्थन में 228 में 205 विधायकों, 68 में 56 विधान पार्षदों, 24 में से 15 सांसदों और 46 में से 28 राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों ने हलफनामा दिया जिससे पार्टी पर अखिलेश का दबदबा चुनाव आयोग में साबित हुआ.

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