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Saturday, July 20, 2024

​साइबर ठगों के पाक कनेक्शन और आईएस को लेकर चर्चा में रहा बिहार


पटना, NOI। भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली बोधगया और पटना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हुंकार रैली के दौरान सीरियल ब्लास्ट से पूर्व ​साइबर ठगों के पाक कनेक्शन और आईएस को लेकर चर्चा में रहा बिहार के दिलसुख नगर ब्लास्ट के मामले में इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के ..सेकेन्ड मैन.. आतंकी तहसीन अख्तर उर्फ मोनू को दोषी करार किये जाने, साइबर ठगों का पाकिस्तान कनेक्शन, आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) में शामिल होने का ऑफर, यास्मीन मुहम्मद एवं आतंकी आरिफ हसन के बाद मानव बम की तरह तैयार किये जाने वाले दो बगलादेशियों के दबोचे जाने , हथियारों का जखीरा बरामद होने के साथ ही नकली नोटों के बढ़ते प्रचलन के मामलों को लेकर बिहार वर्ष 2016 में सुर्खियों में रहा। नेपाल एवं बंगलादेश की सीमा से लगे बिहार के किशनगंज, चंपारण , मधुबनी एवं पूर्णियां जिले में हाल के कुछ वर्षों में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई तथा आईएम के कई एजेंटों की गिरफ्तारी तथा उनसे बरामद दस्तावेजों से राज्य में आतंकी गतिविधियों का पता चला । हाल के दिनों में ऐसे संगठन अपने ..स्लीपर सेल .. में युवाओं को जोड़ने के लिए नये-नये पैतरे अख्तियार करने में लगे रहें । आतंकी संगठनों के गिरफ्तार किये गये इन लोगों के पास से भारी मात्रा में जाली नोट, संवेदनशील स्थानों के नक्शे और विदेशी मुद्राएं भी बरामद की गयी । साथ ही आतंकियों के बिहार के..दरभंगा मॉड्यूल ..और झारखंड के ..रांची मॉड्यूल..का भी पर्दाफाश हुआ । बाद में पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी कर तथा बैंकों ने अपने कामकाज में चुस्ती लाकर बाजार में जाली नोटों के प्रसार को नियंत्रित किया ।वैसे तो केन्द्र सरकार ने भारत-नेपाल सीमा पर घुसपैठ, जाली नोटों का कारोबार, माओवादियों की घुसपैठ तथा तस्करी रोकने के उद्देश्य से वर्ष 2001 में पहली बार सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों को तैनात किया था । शुरू में एसएसबी के जवानों को नेपाल की सीमा से लगे चंपारण तथा रक्सौल के चेक पोस्ट (नाका) पर तैनात किया गया लेकिन बाद में पूरे सीमावर्ती इलाके में इनका विस्तार कर दिया गया । इस वर्ष के प्रारंभ में ही 24 जनवरी को बिहार पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने भागलपुर में लॉटरी के नाम पर पैसा ठगने वाले गिरोह के छह लोगों को गिरफ्तार किया । गिरफ्तारी के बाद इन साइबर ठगों के संबंध आतंकवादियों से होने का पता चला जो चौंकाने वाला था । जांच से यह पता चला कि साइबर ठगों का पाकिस्तान से तार जुड़ा हुआ है। साइबर ठगों के पाकिस्तान से तार जुड़े होने के बाद पूरे मामले की जांच की कमान एटीएस को सौंप दी गयी । एटीएस ने इस बात की भी जांच की थी कि ठगों को कहीं पाकिस्तान के आतंकी प्रलोभन देकर ..स्लीपर सेल.. तो नहीं तैयार कर रहे थे, या फिर आतंकी, ठग की भूमिका में आकर प्रति दिन इन युवकों से तरह-तरह की जानकारी ले रहे थे । इसके दूसरे ही दिन गणतंत्र दिवस को देखते हुए प्रदेश में अलर्ट घोषित कर सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गयी । सुरक्षा एजेंसियों को चौकस रहने का निर्देश दिया गया और मोबाइल वैन से कॉलेजों और पर्यटन स्थलों की विशेष निगरानी की मुकम्मल व्यवस्था की गयी ।

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