नानपारा (बहराइच):NOI:-उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ उप शाखा नानपारा द्वारा प्रांतीय नेतृत्व के आवाहन पर चल रहा अनिश्चित कालीन धरना आज तीसरे दिन भी जारी रहा। अपनी आठ सूत्री मांगों के समर्थन में नानपारा तहसील प्रांगण में आयोजित इस धरने में संघ के पदाधिकारियों के अलावा भारी संख्या में अन्य कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि व कर्मचारी व ग्रामीण भी उपस्थित रह कर लेखपालों का समर्थन कर रहे हैं।धरने में उपस्थित संघ के मीडिया प्रभारी वाहिद कमाल ने को सम्बोधित करते हुए बताया कि प्रदेश की सरकार लेखपालों के इस शांति पूर्ण धरना प्रदर्शन से बौखला सी गयी है और हमारी इस एकजुटता को तोड़ने का प्रयास करने के लिए हमारी हड़ताल पर छः महीने का प्रतिबंध लगा दिया है लेकिन शायद उन्हें ये नही मालूम है कि सरकार रीढ़ माने जाने वाले लेखपाल जिसे शासन और प्रशासन हर समय विभिन्न कामों में इस्तेमाल करती रहती है और जब उनकी समस्याओं के निराकरण का मौका आता है तो उन्हें नजरअंदाज कर उनके विरोध में तुगलकी फरमान जारी दिया जाता है लेकिन हम लेखपाल जो जनता की समस्याओं से लेकर शासकीय योजनाओं को सम्पादित कराने में जी जान लगा कर अपने कर्तव्यों का निर्वाहन करते हैं तो अपनी खुद की समस्याओं के लिये एकजुट होकर सरकार को झुकने पर मजबूर भी कर सकते हैं। यही वजह है कि हम लेखपालों को अपने हक की आवाज़ बुलंद करने के लिये लोकतांत्रिक तरीके से धरने पर बैठने पर मजबूर होना पड़ा है।प्रांतीय नेतृत्व के आवाहन पर आयोजित होने वाले इस धरने के माध्यम से सरकार से मांग की गई है कि उनकी वेतन उच्चीकरण,वेतन विसंगति,पेंशन विसंगति,भत्ता वर्द्धि,राजस्व परिषद द्वारा प्रस्तावित राजस्व उप निरीक्षक नियमावली 2017 को कैबिनेट में मंजूरी दिलाना,डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत कार्य करने के लिए लैप टॉप व स्मार्ट फोन आदि की उपलब्धता,प्रोन्नति के अवसर बढाना तथा अन्य आधार भूति सुविधाएं व संसाधन उपलब्ध कराने जैसी मांगों को पूरा कराने की मांग की गई तथा धरने के माध्यम से एक ज्ञापन प्रशासन को प्रेषित कर उन्हें शीघ्र निस्तारण की मांग की गई।इस मौके पर विशेष रूप से संघ के शाखा अध्यक्ष रामसेवक वर्मा,मीडिया प्रभारी वाहिद कमाल,अनुज श्रीवास्तव,अकील अहमद,राकेश प्रसाद वर्मा,गुरु प्रसाद,अशोक मौर्य बलराम यादव आदि लोग उपस्थित रहे।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.