शरद मिश्रा”शरद”
लखीमपुर खीरी:NOI- केंद्र में मोदी और प्रदेश में योगी की सरकार लोगों को बेहतर स्वास्थ सेवाएं देने के लिये भरसक प्रयास कर रही है। इतना ही नही करोड़ो अरबो खर्च कर चिकित्स सेवा को गांव-गांव भी पहुंचा रही है। जिससे कोई भी ग्रामीण इलाज से वांछित न रह जाये। लेकिन खीरी जिले में चिकित्सा विभाग सरकार के मंसूबों पर पानी फेरने में कोई कसर नही छोड़ रहा है।
इसका ताजा मामला सामने आया, जहां मैगलगंज क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खखरा में स्वास्थ कर्मचारी की संवेदनहीनता देखने को मिली। जहां प्रसूता को अस्पताल की फर्श पर लिटा कर प्रसव करा दिया गया। सोशल मीडिया पर फ़ोटो वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। अन्नान-फंनन में एसीएमओ डॉक्टर रविंद्र शर्मा ने खतरा पीएसी पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल की। और बताया कि जांच करने के बाद वह अपनी रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पेश करेंगे। बताते चले कि मैगलगंज थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर निवासी जयपाल की पत्नी पूजा देवी 27 बीती दोपहर में प्रसव के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंची थी। वहां मौजूद स्टाफ ने कोई सुविधा नहीं दी। यहां तक कि लेटने के लिए कोई बेड भी नहीं दिया और जमीन पर ही लिटा कर प्रसाव करा दिया।
वहीं ड्यूटी पर मौजूद नर्स कल्पना देवी ने बताया कि यहां पर कोई चिकित्सक की तैनाती नहीं है। यहां अपने सहकर्मी दीपा शर्मा के साथ अस्पताल का काम देखती हैं। और मरीजों की देखभाल भी करती हैं। लेकिन जमीन पर लेटी प्रसूता ने ग्रामीण स्तर पर बने प्रसव केंद्र पर की पोल खोल रही है। मैगलगंज क्षेत्र की खखरा पीएससी पसगवां सीएचसी के अधीन कार्यरत है। जब इस संबंध में प्रभारी डॉ गौरव खन्ना से बात की गई। तो उन्होंने बेड की कमी न होने की बात कहते हुए मामले को दिखवाने की बात कही।
वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी मनोज अग्रवाल से बताया कि हमारे पास किसी भी सीएचसी-पीएससी में संसाधनों की कोई कमी नहीं है। खखरा में इस तरह प्रसूता की बाहर क्यों लिटाया गया। इसके लिए हमने जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

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