शिवपाल की पार्टी में शामिल होगा यह युवा नेता, इस सीट पर भी बिगड़ेगा सपा का समीकरण

मऊ. 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले समाजवादी परिवार के कद्दवार नेता व सपा के सुप्रिमों मुलायम सिहं के भाई शिवपाल यादव की पारिवारिक और राजनीतिक उपेक्षा के कारण बनाई गई शिवपाल की नई पार्टी समाजवादी सेकुलर मोर्चे का गठन सभी राजनीतिक दलों की बेचैनी दिया है। जिसका लखनऊ से लेकर सभी जनपद में असर दिखने लगा है। उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में शिवपाल यादव की पार्टी के समाजवादी सेक्यूलर मोर्चे की चर्चा जोर शोर से शुरु हो रही है। समाजवादी के पूर्व ब्लॉक प्रमुख विद्युत प्रकाश यादव ने शिवपाल की पार्टी ज्वाइन करने का मन बना लिया है। 2005 में विघुत यादव ने बडराव ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित हुए। 2017 के विधानसभा चुनाव में विघुत प्रकाश यादव समेत दर्जनों नेता को पार्टी के विरूद्ध काम करने का आरोप लगाते हुए सपा से निष्कासित कर दिया गया था। शिवपाल की पार्टी ज्वाइन करने पर इस सीट पर सपा का समीकरण बिगड़ सकता है। इस बात की चर्चा तेज है कि पूर्व सपा ब्लॉक प्रमुख शिवपाल की पार्टी में जल्द ही शामिल हो जाएंगे।
बतादें कि जनपद के पूर्व सपा ब्लॉक प्रमुख विघुत यादव बड़राव ब्लॉक के इन दिनों जनपद में शिवपाल यादव के समाजवादी सेक्यूलर मोर्चे की कमान को सम्मभालने के काम की शुरुआत कर चुके है । बतादें कि विघुत यादव गोरखपुर विश्वविघालय से छात्र राजनीति की शुरुआत 1993 में किए थे । छात्र नेता के रुप में अपने कैरियर की शुरुवात करने वाले विघुत प्रकाश यादव सन 2000 समाजवादी पार्टी की सदस्यता को हासिल किया । सन 2000 मे ही गांव के प्रधान निर्वाचित हुए । उसी वर्ष इनकी राजनीतिक सूझबूझ को देखते हुए इन्हें ब्लॉक प्रधान संघ का नेता चुन लिया गया । 2005 में विघुत यादव ने बडराव ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित हुए । 11 मतों से जीत हासिल किया । 2012 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से दावेदारी किया लेकिन टिकट नही मिला । 2015 में जिला पंचायत के चुनाव में अपनी पत्नी मीना यादव को सदस्य पद के निर्वाचित कराया ।
इसके बाद 2018 के ब्लॉक प्रमुख के बाई इलेक्शन के चुनाव में अपनी बहू बिमला यादव को बीजेपी की ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर हराने का काम किया फिर उसके बाद अपनी बहू को ब्लॉक प्रमुख बनवाने का काम किया । इसके साथ 2017 के विधानसभा चुनाव में विघुत प्रकाश यादव समेत दर्जनों नेता को पार्टी के विरूद्ध काम करने का आरोप लगाते हुए सपा से निष्कासित कर दिया गया । सपा से निष्कासन के बाद दूबारा इनको सपा में शामिल नहीं किया जिसका इन्तजार करते रहे लेकिन अब शिवपाल यादव की पार्टी समाजवादी सेकुलर मोर्चे की कमान जनपद में सम्भाल चुके हैं। हालांकि जिलाध्यक्ष बनने के सवाल पर कहा कि यह काम मै नहीं कर सकता हूं । इसके लिए हमारे दूसरे साथी तैयार बैठे हुए हैं जैसे ही समय आएगा उसका ऐलान कर दिया जाएगा ।
2017 के विधानसभा चुनाव में जिस तरह से समाजवादी पार्टी के अन्दर हुई कलह पूरे प्रदेश में सुर्खियों में रही और सपा की कमान सम्भालते हुए अखिलेश यादव राष्ट्रीय अध्यक्ष बने और तमाम समाजवादी कद्दवार नेताओ को पार्टी से निष्कासित करने का काम कर दिया । विधानसभा चुनाव के दौरान निष्कासित सपा नेताओ में कुछ की सपा में वापसी हुई लेकिन उसके बाद भी बहुत सारे नेताओ पर पार्टी के विरुद् काम करने का आरोप लगाते हुए उन्हे पार्टी के बाहर का रास्ता दिखा दिया गया और फिर उनको पार्टी में वापस नही लिया गया है। ऐसे नेताओ की भरमार पूरे जनपद में है जो अब संगठित होकर शिवपाल यादव के समाजवादी सेकुलर मोर्चे की शान बढाने के साथ साथ अपने राजनीतिक कैरियर को एक बार शुरू करने के लिए जोर अजामाइश में लगे हुए है।

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