लखनऊ। उत्तर प्रदेश को भारत के मानचित्र पर , स्टार्टअप हब में परिवर्तित करने के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह संकल्पित है। उत्त्तर प्रदेश सरकार अब अपनी नयी स्टार्टअप पालिसी को लेकर भी बिलकुल तैयार है और प्रदेश में स्टार्टअप्स केलिए एक बेहतर एक सिस्टम विकसित करने के लिए भी कटिबद्ध है । लखनऊ के आईआईएम में इस वर्ष के एक और मेगा इवेंट “यूपीस्टार्टअप कॉन्क्लेव” का भव्य आयोजन किया गया। कॉन्क्लेव काआयोजन प्रदेश सरकार के आई टी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग, आईआईएम लखनऊ और लखनऊ मैनेजमेंट एसोसिएशन के संयुक्त सहयोग से किया गया। नए और उभरते स्टार्टअप्स के लिए व्यापारिक तरलता प्रदान करने के साथ मुख्यधारा से जोड़ने के प्रमुख उद्देश्य से कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया।

कॉन्क्लेवमें प्रदेशसरकारके आईटीएवंइलेक्ट्रॉनिक्सविभाग केराज्यमंत्री मोहसिनरजा, मुख्यअतिथिकेरुपमेंउपस्थितहुए। कॉन्क्लेवमें आईटीऔरइलेक्ट्रॉनिक्स विभागके अपरमुख्यसचिव श्रीआलोकसिन्हाभीमौजूद रहे। कॉन्क्लेवमें पेटीएम के वाईस प्रेजिडेंट सौरभ जैन , गूगल इंडिया से के सी अय्यागरी और आर्क टेकएक एक्सेस के फाउंडर एवं सीईओ श्री ऋषि श्रीवास्तव ने प्रमुख वक्ताओं के रूप में भी में भाग लिया । कॉन्क्लेव में 500 सेअधिक स्थापित और उभरते स्टार्टअप्स , बड़ी संख्या में निवेशक, इनक्यूबेटर्स , सरकारी अधिकारी, बैंक और ऋण संस्थान, आईटी सेवा प्रदाता , कॉर्पोरेट और नियामक निकाय, शैक्षणिक संस्थान और छात्र समुदाय, भी इसभव्य आयोजन का हिस्सा बने।

यूपीएसटार्टअप कॉन्क्लेव के माध्यम से कई प्रसिद्ध वक्ताओ को एक साथ एक ही मंच पर पधारने का अवसर मिला। वक्ताओं ने स्टार्टअप्स को शुरू में होने वाली कठिनाइयों और चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए उन पर काबू पाने के तरीकों का मार्गदर्शन किया। कॉन्क्लेव के दौरान स्टार्टअप पिच-इन चैलेंज भी आयोजित किया गया जिसमें स्टार्टअप्स ने पिच डेक (पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन) के जरिये से अपने विचार प्रस्तुत किए। भारत के जाने-माने निवेशक और इनक्यूबेटर स्टार्टअप पिच – इन चैलेंज में ज्यूरी के सदस्य रहे। पिच – इन चैलेंज के विजेताओं के लिए लगभग 7.5 रूपये की का धनराशि पुरस्कार के रूप में घोषित की गयी। स्टार्टअप के लिए अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए एक प्रदर्शनी भी व्यवस्था की गयी।

इस अवसर पर प्रदेश सरकार के आई टी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि एम् इस एम् इ और स्टार्टअप जैसे छोटे व्यवसाय बड़े व्यवसायों की तुलना में काफ हद तक ज्यादा रोजगार उत्पन्न करते हैं। यही वजह है की प्रदेश सरकार स्टार्टअप्स पर बहुत अधिक जोर दे रही है , जो लोगों के सामने वास्तविक जीवन समस्याओं के समाधान नवाचार के जरिये खोजने पर ध्यान केंद्रित है। श्री मोहसिन राजा ने कह की स्टार्टअप एक्टिविटी के लिए सरकार द्वारा एक बड़ा बजट निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है . इस प्रतिभा का उपयोग करने के लिए इको सिस्टम विकसित करने से उत्तर प्रदेश का आर्थिक और सामाजिक स्तर एक अलग रूप में परिवर्तित हो सकता है । उन्होंने यह भी कहा कि आईटी और इलेक्ट्रॉनिक विभाग, लखनऊ मैनेजमेंट असोसिऐशन और आईआईएम लखनऊ द्वारा संयुक्त रूप से कॉन्क्लेव को आयोजित करने से इस उद्देश्य में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा और आशा है कि इस कॉन्क्लेव की सहयोगी एजेंसियां भविष्य में भव्य कार्यक्रमों को आयोजित करने के लिए प्रयासरत रहेंगी।
आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आलोक सिन्हा ने कहा कि परदेश सरकार स्टार्टअप्स के लिए बेहतर इको सिस्टम विकसित करने के उद्देश्य से राज्य की स्टार्टअप नीति को क्रियान्वित करने के लिए बाध्य है. उन्होंने कहा कि कॉन्क्लेव के जरिये न केवल स्टार्टअप्स के बीच प्रतिस्पर्धी भावना उत्पन्न होगी बल्कि उनको ये जानने का अवसर भी मिलेगा की अपने व्यापार को किस तरह से बढ़ाया जाये।

एलएमए के उपाध्यक्ष श्री ए के माथुर ने कहा कि राजय में स्टार्टअप गतिविधि को बढ़ावा देना उनकी सस्था की एक प्रमुख नीति है औ पिछले दो सालों से इसी लक्ष्य को ध्यान में रख कर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। उत्तर प्रदेश स्टार्टअप कॉन्क्लेव, जिसे सभी हितधारकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है और ये कॉन्क्लेव राज्य में अब तक का सबसे बड़ा आयोजन साबित हुआ है। श्री माथुर ने कहा की आईआईएम लखनऊ जैसे प्रमुख संस्थानों सहित 2000 पेशेवर सदस्यों के साथ एलएमए, भविष्य में इसी तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार की इस पहल का समर्थन जारी रखेगी।

निदेशक आईआईएम लखनऊ, के प्रोफेसर अजीत प्रसाद ने अंत में अपने सम्बोधन में उपस्थित जनो को धन्यवाद दिया।

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