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पहली बार नरेंद्र मोदी के भाषण में मिला खाली पंडाल, जानिए इसके पीछे का राज

प्रधानमंत्री वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी बनारस में अपना 68 वां जन्मदिन मनाया, इसके बाद मंगलवार को वह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के एंफीथियेटर मैदान जनसभा को संबोधित करने पहुंचे, यह माना जा रहा था कि लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले यह उनकी अंतिम सभा है, भाजपा कार्यकर्ता ने भी नरेंद्र मोदी की सभा के लिए पूरी जान लगा दी, सभा 10:00 बजे से होना था, फिर उसे 10:30 पर कर दिया गया, लेकिन प्रधानमंत्री 11:04 मिनट पर पहुंचे, फिर 11:33 पर भाषण देना शुरु किया.

नरेंद्र मोदी ने भाषण 12:22 मिनट तक दिया, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ जब लोग उनके भाषण के बीच से उठ कर जाने लगे, नरेंद्र मोदी ने 1 घंटे तक भाषण दिया, लेकिन ऐसा लगा की लोग उनके 4 साल की उपलब्धियों को सुनने से इंकार कर दिया, और महज 10 से 12 मिनट बाद पंडाल धीरे-धीरे खाली होने लगा, पहले पीछे बैठे लोगों का जत्था पंडाल से बाहर निकला, हद तो तब हो गई जब आगे बैठे लोग भी जाने लगे.

एक ऐसा वक्त भी आया जब भाषण के बीच में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी बोलना पड़ा, और लोगों से अपील करनी पड़ी कि बैठ जाओ भैया, यह वाक्य उन्होंने 3 बार दोहराया, भीड़ पर इसका कोई असर नहीं पड़ा, जिसके कारण पीएम मोदी के चेहरे पर हताशा साफ तौर से दिख रहा था, उन्होंने रह रह कर माथे पर पसीना पोछते हुए बिताया, बीच-बीच में हाथ भी जोड़ते रहे, लास्ट में उन्होंने यह भी कहा कि आप ही मेरे मालिक हैं, आप ही हाईकमान है, इसको देखकर वहां पर मौजूद लोग भौचक्के रह गए, क्योंकि किसी को भी यह सब भरोसा नहीं हो रहा था, आखिर में यह सब क्या हो रहा है, लोग अपने ही सांसद को सुनना क्यों नहीं चाहते हैं.

जब कुछ महिलाओं और बीएचयू को छात्राओं से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बात को टाल दिया, एक महिला से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब सब जा रहे हैं तो हम क्यों रुके, इससे पहले नरेंद्र मोदी जब भी आए लोगों ने अपने पलकों पर बिठाया, अपार जनसमूह जुटता रहा, लेकिन आज यह बता रहे थे कि वहां सब कुछ ठीक नहीं है, एक तरफ नरेंद्र मोदी अपनी सफलता गिनाते रहे, और दूसरी तरफ से पंडाल खाली होता रहा, उन्होंने करीब 1 घंटे के भाषण में अपने संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा पिछले 4 सालों में लागू योजनाओं के बारे में बताएं, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ जब नरेंद्र मोदी के भाषण से लोग उठ कर जाने लगे, यहां तक की उन्होंने काशी की जनता को अपना मालिक और हाईकमान भी बताया, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ, अगर यह जानकारी आपको पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें, और ऐसे ही ताजा खबरों के लिए हमारे ब्लॉग को फॉलो करना ना भूलें.

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