सीतापुर-अनूप पाण्डेय,रोहित शुक्ला/NOI-उत्तरप्रदेश जनपद सीतापुर में जननी सुरक्षा में जमकर बीसीपीएम ने किया घोटाला घोटाले की सच्चाई सामने आते ही बीसीपीएम का हुआ तबादला .तबादला होते ही मामले में संज्ञान लेने वाले उसी अधीक्षक पर फर्जी तौर पर आरोप लगाते हुए तबादले का राजनैतिक पडने लगा दबाव।

आपको बताते चलें
सीतापुर जनपद के मिश्रिख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जननी सुरक्षा योजना व अन्य योजनाओं में वित्तीय वर्ष 16/ 17. 17/ 18 में बीसीपीएम द्वारा जमकर घोटाला हुआ जिसको लेकर कुछ दिन पूर्व में आशाओं ने मिश्रिख कोतवाली में तहरीर भी दिया और एसडीएम को ज्ञापन भी देते हुए अधीक्षक डॉक्टर प्रखर श्रीवास्तव को सूचित किया व आशाओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पे धरना भी दिया था ।
अधीक्षक ने उसी मामले पे संज्ञान में लेते हुए उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जिस पर सीतापुर डीएम श्री मती शीतल वर्मा ने बी.सी.पी.एम. स्मृति शुक्ला को तत्काल प्रभाव से रेउशा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ट्रांसफर कर दिया।

बी.सी.पी.एम. स्मृति शुक्ला ने अपनी पकड़ से कुछ नेताओं द्वारा जिला अधिकारी व प्रभारी मंत्री श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी से शिकायत की अगर बी.सी.पी.एम का ट्रांसफर हुआ तो अधीक्षक का भी होना चाहिए अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जिन आशाओं को अधीक्षक द्वारा न्याय व मानदेय का समय पर भुगतान होना चालू हो गया उसी अधीक्षक का ट्रांसफर करने का क्या उद्देश्य है । यह बात जब आशाओं को मालूम हुआ की अधीक्षक का ट्रांसफर हो रहा है यह सुनकर अपने अधीक्षक के बचाव में जिला अधिकारी व क्षेत्रीय विधायक रामकृष्ण भार्गव को अधीक्षक के तबादले को लेकर आशाओं ने ज्ञापन देने आवास पर पहुंची जब मिडिया ने उनसे बात की की आप विधायक को ज्ञापन देने क्यों आई है तो उनका कहना है. अगर मेरे अधीक्षक का यहां से ट्रांसफर हो रहा है इसी सम्बन्ध में जिला अधिकारी व अपने क्षेत्री विधायक को हम लोग ज्ञापन देने आये है की हमारे अधीक्षक का ट्रांसफर न किया जाय अगर नही मानेगे तो हम लोग धरना प्रदर्शन भी करेंगे क्योंकि हमारे अधीक्षक डॉक्टर प्रखर श्रीवास्तव के आने के बाद हम लोगों को कार्य व हमारी समस्याओं का निवारण हुआ है गलत स्ंविदा कर्मचारी का ट्रांसफर होने पर हम अपने अधीक्षक को यहां से जाने नहीं देंगे अगर गलत को गलत कहना गलत है तो सही क्या है उनका स्पष्ट रूप में कहना है कि बी.सी.पी.एम. स्मृति शुक्ला द्वारा मेरा मानदेय में 50 प्रतिशत कमीशन मांगा जाता था जब न दो तो भुगतान रोक दिया जाता था और कार्य क्षेत्र में उत्पीड़न किया जाता था हम लोगों को अधीक्षक ने इंसाफ दिलाया है । जिन आशाएं 6 महीने से क्षेत्र में नही थी उनके एकाउंट पे रूपये डाल कर बन्दर बाट बी.सी.पी.एम. व् संगिनी करती थी अब ये सब बन्द हो गया है इसी लिए डॉक्टर शाहब को मिश्रिख CHC से हटाया जा रहा है मगर ये हम लोग होने नही देगे ।

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