यातायात सप्ताह के बाद भी नही सुधरी शहर की यातायात व्यवस्था,जनता जूझ रही जाम की समस्या से,नही निकल रहा कोई स्थायी हल…….

बहराइच :(अब्दुल अजीज)NOI :- शहर की यातायात व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिये जिला प्रशासन द्वारा भले ही सख्त कदम उठाये जा रहे हो लेकिन इसके बावजूद भी जाम की समस्या से लोगो के लिये ये किसी नासूर से कम साबित नही हो रहा है। इन दिनों ट्राफिक व्यवस्था पूरे तरीके से चरमरा सी गयी है। ट्राफिक के जवान पिकेट प्वाइट पर नहीं दिखाई देते हैं, इतना ही नहीं एकाएक बढ़ी ई-रिक्शा की आमद और उनकी बढ़ती संख्या व इनके नाबालिंग चालकों द्वारा मनमानी ढंग से वाहनों को चलाया जाता है लेकिन फिर भी जिले का परिवहन विभाग और यातायात पुलिस का इन्हें मिल रहा अपरोक्ष संरक्षण आम जनता के लिये सरदर्द बन गया है। वहीं बेतरतीबी से खडे ई-रिक्शा से प्रायः शहरवासियों को जाम के झाम से जुझना पड़ता है। जिसके चलते दिनोदिन लोगों का रूझान इसकी तरफ बढ़ता जा रहा हैं यही नहीं आॅटो एवं ई-रिक्शा संचालकों से पुलिस की मिलीभगत से कई स्थानों पर की जा रही अवैध वसूली भी पिछले काफी समय से चर्चा का विषय बनी हुयी है। बढती ई-रिक्शा आमद व मनमाने ढंग से नाबालिग चालकों द्वारा संचालित ई-रिक्शा से शहरवासियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ई-रिक्शा चालकों द्वारा जहां अपने वाहनों को बैतरतीबी से खड़ा किया जाना आम बात हो गयी है। वही सवारियां देखते ही इन चालकों द्वारा वाहन बीचो बीच सड़क पर खड़ा कर दिया जाता है और जहां के तहां खड़े करने के बाद पीछे चल रहे वाहन को यह तो अचानक ब्रके लगानी पड़ जाती है। यह फिर वह दुर्घटना का भी शिकार हो जाता है। इतना ही नहीं रिक्शा चालकों द्वारा गली कूचों में भी रिक्शे ले जाने से गलियों में भी जाम की स्थिति उत्पत्र हो जाती है। इन ई-रिक्शाओं को बेरोक टोक नाबालिग चालक भी चलाते हुए देखे जा सकते है। इस ओर सम्बन्धित विभाग द्वारा ठोस कदम न उठाये जाने के चलते रिक्शा संचालक अपनी मनमानी करने से बाज नही आते है और लोगों से जबरन मनमाना किराया भी वसूलते रहते हैं, शहर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को चुस्त एवं दुरूस्त बनाये जाने की जिम्मेदारी ट्राफिक जवानों को हैं इसके लिये बकायदे आधा दर्जन से अधिक पिकेट प्वाइट बनाये गये हैं लेकिन इन पिकेट प्वाइंटो में ट्राफिक जवान किसी वीआईपी के आने पर ही दिखाई पड़ते है। हालात ऐसे बनते जा रहे है और तराई के इस क्षेत्र में ऐसा महसूस किया जा रहा है कि मानो यहां ट्रैफिक निजाम पूरी तरह खत्म हो गया है।

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