सीतापुर-अनूप पाण्डेय, नितेश बाजपेयी /NOI-उत्तरप्रदेश जनपद सीतापुर का एक ताजा मामला सामने आया है जहाँ पे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर व् फार्मासिस्ट तो नही मिलते है मगर शराब की बोतले जरूर पड़ी मिलती है ।
साहब हो या कर्मचारी पगार तो पूरी लेते है।मगर कार्य अपने मनमाने तौर पर ही करते है।देर से आना जल्दी से जाना इन्होंने अपना सिस्टम ही बना रखा है।थानगांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गंगापुरवा में तैनात अधिकारी ज्यादातर अपने मुख्यालयों पर न रुकने के बजाय अपने महलो में रुकना ज्यादा पसंद करते है।समय से अस्पताल न आना सरकारी कर्मचारी की अपनी एक नई फितरत ही बन गयी है।शायद समय से आना इनके शान के खिलाफ है।थानगांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गंगापुरवा का हाल कुछ ऐसा ही है।जब हमारे सवांददाता ने आज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जायजा लिया तो सच्चाई खुलकर सामने आ गई।

सोमवार सुबह करीब 11:00 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गंगापुरवा गांव में पहुंचे तब देखा कि वहां पर अस्पताल का गेट तो खुला था पर वहां पर कोई भी डॉक्टर व फार्मासिस्ट कोई भी नहीं मिला अस्पताल में शराब की बोतलें व कूड़ा करकट पड़ा हुआ नजर आया।ग्रामीणों ने बताया कि सलिल कुमार 6 महीने से अस्पताल में नहीं आए सफाईकर्मी का कार्य कर रहे गंगापुरवा के निवासी राहुल कुमार अस्पताल को सुबह 9:00 बजे खोल देते है वहां से फिर अपना काम करने अपने घर लौट जाता है सबसे बड़ी बात यह है कि यहां के जो फार्मासिस्ट सलिल कुमार है वे आते ही नहीं हैं अस्पताल की दवा भी क्या होती है जिससे मरीजों का काफ़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

जब इस सम्बन्ध में सीएचसी अधीक्षक से बात की गई सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि यहां पर कोई डॉक्टर तैनात नहीं है यहां पर केवल फार्माशिष्ट तैनात है फार्माशिष्ट सलिल कुमार की तैनाती हैं ।

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