दीपक ठाकुर:-NOI।

जैसे कि कयास लगया जा रहा था कि इस बार केंद्र में भले ही एनडीए की सरकार बने लेकिन उत्तर प्रदेश से भाजपा को बड़ा नुकसान होगा लेकिन 23 मई को जो रुझान मिलने शुरू हुए उसने साबित कर दिया कि यूपी में बुआ बबुआ का जो गठबंधन हुआ था वो मोदी मैजिक के आगे नतमस्तक हो गया।

इस बार गठबंधन का फैसला लेना फिर अखिलेश यादव पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है क्योंकि सपा का वोट प्रतिशत पिछली बार से भी कम हो गया है लगता है कि अखिलेश यादव अकेले दम पर चुनाव लड़ने का साहस ही नही जुटा पा रहे हैं और हर बार अपनी ही पार्टी का अस्तित्व डुबोते हुए नज़र आ रहे हैं पहले कांग्रेस से हाथ मिलाया तब मुह की खाई और अबकी जब बुआ का हाथ थामे हुए चुनावी मैदान में आये तो एक बार फिर अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा ही काम करते नज़र आये।

वही उत्तर प्रदेश में जो दिख रहा था ठीक उसके उलट मामला रहा भाजपा खुद मान चुकी थी के यहां पिछली बार जैसा जादू नही चलेगा लेकिन मोदी के मन की बात जनता में ऐसा घर कर चुकी है कि उनको हरा पाना नामुमकिन सा लगता है इसी को तो कहते हैं मोदी मैजिक अभी भी बरकरार है और खुद मोदी का जनता पर विश्वास भी पूरी तरह अटल है।

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