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जब बड़ी होंगी आशाएं तभी पूरे होंगे सपने बदलाव की कहानियों को ब्रेकथ्रू ने दिलाई आवाज़

लखनऊ, 26 सितंबर 2019, लड़कियों के बारे में हम जब भी सोचते है तो क्यों छोटी- छोटी तादात में सोचते हैं,18 साल की उम्र में शादी क्यों हमारी बच्चियों के लिए गोल पोस्ट बन जाता है? इस पर हम सब को सोचने की जरूरत है। अब सपनों को छोटा करने और उम्मीदों को कम करने का वक्त चला गया अब समय है बड़ी सी आशा का, अनंत उम्मीदों का, जो हमने देखा है इन किशोरियों और किशोरों के लिए। हम चाहते हैं, वह भी बड़े सपने देखे और उनको पूरा करने के लिए काम करें यह कहना है ब्रेकथ्रू की सीईओ और कार्यकारी अध्यक्ष सोहिनी भट्टाचार्य का, वह बड़ी सी आशा-सपनों की कोई सीमा नहीं कार्यक्रम को संबोधित कर रहीं थी। कार्यक्रम का आयोजन महिला अधिकारों के लिए काम करने वाली स्वयंसेवी संस्था ब्रेकथ्रू द्वारा किया गया था।
संत गाडगे जी महाराज प्रेक्षाग्रह में अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हमारा आज हो या कल वह तभी बेहतर होगा जब हम किशोरियों और किशोरों को बेहतर शिक्षा स्वास्थ्य के साथ ही आगे बढ़ने के लिए समान अवसर देंगे। उन्होंने आगे कहा हमें उनको बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करना होगा और उनका साथ देना होगा, यकीन मानिए आप उनका भरोसा कीजिए कि वह आपका विश्वास नहीं तोड़ेंगे।
इस अवसर पर ब्रेकथ्रू की स्टेट हेड कृति प्रकाश ने कहा कि कई सालों से ब्रेकथ्रू किशोरियों और किशोरों के सर्वागीण विकास के लिए काम कर रहा है हम डेढ़ लाख किशोर-किशोरियों तक जहां सीधे पहुंचे हैं वही कुल चार लाख किशोर-किशोरियों को स्वास्थ्य,शिक्षा और उनके अधिकारों के मुद्दे पर उनको अपने साथ जोड़ा है उम्मीद करते हैं की यह किशोरियां और किशोर आगे चलकर एक बेहतर समाज बनाएंगे।

बदलाव की कहानियों को अभिनेता,पत्रकार,लेखकों और रेडियो जॉकी ने दी अपनी आवाज

इस अवसर पर बदलाव की 12 कहानियों को भी स्टोरी टेलिंग के माध्यम से दर्शकों के सामने रखा गया जिसमें लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के प्रमुख डॉ मुकुल श्रीवास्तव, अभिनेता संदीप यादव, एक एफएम चैनल के रेडियो जॉकी और प्रोग्रामिंग हेड प्रतीक, अभिनेत्री श्रेया, कॉपी राइटर प्रवीण शामिल थे।

किशोरियों और किशोरों ने अधिकारियों संग की चर्चा, पेश की अपनी मांग

इस अवसर पर किशोर किशोरियों के स्वास्थ्य ,शिक्षा और अधिकार के मुद्दे पर प्रशासनिक और संबंधित विभागों के प्रमुख वा किशोर किशोरियों के बीच एक संवाद का आयोजन किया गया। जिसमें किशोर किशोरियों ने अपने मुद्दों को सबके सामने रखा और डेढ़ लाख किशोर किशोरियों की तरफ से 8 सूत्री मांग पत्र भी संबंधित लोगों के सामने प्रस्तुत किया गया। जिसमें किशोर किशोरियों के लिए स्पष्ट नीति बनाने आयु प्रमाण पत्र जारी करने के नियमों को प्रभावी तरीके से पालन कराने, विद्यालयों के रास्ते सुरक्षित बनाने, पुलिस को संवेदनशील करने,विद्यालयों में स्वच्छ शौचालयों के साथ पीने योग्य पानी और माध्यमिक कक्षाओं तक यानी 6 से 18 आयु वर्ग के किशोर- किशोरियों के लिए निशुल्क व अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान शामिल था। इस चर्चा में किशोर-किशोरियों के प्रतिनिधि के रूप में तारों की टोली के सदस्य रिंकी, संध्या,श्वेता, पिंकी, अनीता, मनीषा और शिवानी मौजूद रहे, वहीँ इस परिचर्चा में डब्लू सी डी के संयुक्त निदेशक चाइल्ड प्रोटेक्शन पुनीत,आरकेएसके के जीएम मनोज,१८१ हेल्पलाइन से श्वेता ,चाइल्ड लाइन से संगीता,एस सी ई आर टी से अजय और डी आई जी कारागार लव कुमार ने सवालों का जवाब दिया

इस दौरान किशोर किशोरियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया है साथ ही किशोर किशोरियों के मुद्दे पर कथक नृत्य की भी प्रस्तुति भी दी गई।कार्यक्रम के दौरान 600 सेनेटरी नैपकिन किशोरियों को बांटी गई।

इस अवसर पर महिला व बाल विकास विभाग, एनएचएम (आरकेएसके) चाइल्ड लाइन, बेसिक शिक्षा विभाग, एक्शन एड, एससीईआरटी , एमिटी विश्वविद्यालय, फिया, ममता, यूनिसेफ, महिला सामाख्या,एस फाउंडेशन,विज्ञान फाउंडेशन, मिलान, केयर, सेव द चिल्ड्रेन, आक्सफैम, प्रतिनिधि, वर्ल्ड विजन,सहित तमाम स्वयंसेवी संस्थाओं सहित सिद्धार्थनगर नगर से एसइएस, महाराजगंज

से सृष्टि संस्थान, जौनपुर से जेवीएस, गाजीपुर से जीवीएस और बनारस से एसएसएस संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

ब्रेकथ्रू के बारे में –

ब्रेकथ्रू एक स्वंयसेवी संस्था है जो महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ होने वाली हिंसा और भेदभाव को समाप्त करने के लिए काम करती है।
कला,मीडिया,लोकप्रिय संस्कृति और सामुदायिक भागेदारी से हम लोगों को एक ऐसी दुनिया बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं,जिसमें हर कोई सम्मान,समानता और न्याय के साथ रह सके।
हम मल्टीमीडिया अभियानों के माध्यम से महिला अधिकारों से जुडें मुद्दों को मुख्य धारा में लाकर इसे देश भर के समुदाय और व्यक्तियों के लिए प्रासंगिक बना रहे हैं। साथ ही हम युवाओं, सरकारी अधिकारियों और सामुदायिक समूहों को प्रशिक्षण भी देते हैं, जिससे एक नई ब्रेकथ्रू जेनरेशन सामने आए और जो अपने आस-पास की दुनिया में बदलाव ला सके।

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