पुरुषों की तुलना में ऑस्टियोपोरोसिस से महिलायें अधिक पीड़ित

लखनऊ 19 अक्टूबर 2019 विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस हर साल 20 अक्टूबर को हड्डियों के स्वास्थ्य को सुरक्षित करने में प्रेरित करने के लिए मनाया जाता है। इस रोग में हड्डियां नाजुक व कमजोर हो जाती हैं, जिसके परिणामस्वरूप रीढ़ की हड्डी, कूल्हे एवं कलाई के फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है।

अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सीनियर आर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर संदीप गुप्ता ने बताया कि महिलाओं में ये रोग मुख्यतः पचास वर्ष की उम्र के बाद होता है। पुरुषों की तुलना में ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित होने का अधिक खतरा महिलाओं को होता है। ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित होने वाले माता-पिता या भाई-बहनों के पारिवारिक सदस्यों में ऑस्टियोपोरोसिस के विकसित होने का जोखिम अधिक होता हैं। ऑस्टियोपोरोसिस रोग से बचने के लिये सभी को कैल्शियम और विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थों जैसे कि दूध, दही एवं हरी पत्तेदार सब्जियों से भरपूर संतुलित आहार का सेवन करने के साथ-साथ धूप के संपर्क में रहना चाहिये। हड्डियों की क्षति को रोकने के लिए नियमित व्यायाम करना चाहिये। धूम्रपान एवं हद से ज्यादा शराब का सेवन नहीं करना चाहिये।

रेडियस ज्वांइट सर्जरी हास्पिटल के सीनियर आथ्रोपेडिक डॉक्टर संजय श्रीवास्तव ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस एक साइलेंट बीमारी है, रोगी जब तक ऑस्टियोपोरोसिस की जटिलताओं जैसे दर्द, कूल्हे एवं रीढ़ की हड्डी के फ्रैक्चर के प्रभाव को महसूस नहीं करता है, तब तक रोगी को पता ही नहीं चलता है कि वह ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित है। ऐसे में ऑस्टियोपोरोसिस रोग से बचाव के लिये अपने आपको योग एवं ध्यान में व्यस्त रखना चाहिये साथ ही अपने शरीर के वजन, कैल्शियम एवं विटामिन डी के स्तर की नियमित जाँच जरूर करवाते रहना चाहिये।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.