सीतापुर-अनूप पाण्डेय/NOI-उत्तरप्रदेश जनपद सीतापुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कितना भी कहते रहे कि उनकी सरकार जीरो ट्राँलेट के तहत कार्य कर रही है परंतु उनकी सरकार के ही अधिकारी उनके आदेशों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं प्रकरण कोई नया नहीं है अपनी कार्यशैली को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाले अधिकारी अधिशासी अभियंता विनोद कुमार सिंह से संबंधित है पूर्व के टेंडरों में विनोद सिंह के द्वारा चुनाव आचार संहिता का हवाला देते हुए अपने आप को बचा लिया परंतु उनके द्वारा फिर वही पुराना राग जपना शुरू हो गया है अपने परिचित ठेकेदारों को कार्य देने के लिए नाना प्रकार की अनियमितताएं कर रहे हैं अपने पूर्व कार्यकाल के क्षेत्र लखीमपुर के ठेकेदारों को लाकर सीतापुर में काम देने का प्रयास कर रहे हैं जिसमें ताजा प्रकरण अब्दुल हबीब नमक ठेकेदार से संबंधित है जिसके द्वारा वर्तमान टेंडर में लगभग 10 से 11 कार्यों में टेंडर डाला गया है और सभी टेंडरों में उक्त ठेकेदार के द्वारा 30 से 40% तक कम रेट डालकर काम लेने का प्रयास किया जा रहा है ठेकेदार को यह पता है कि उसके खास अधिकारी विनोद सिंह के रहते उसको किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होगा क्योंकि विनोद सिंह के द्वारा अनुमानित लागत के हिसाब से टेंडर निकाला गया है जोकि अत्यधिक ज्यादा है सरकारी रेट और अनुमानित लागत में लाखों रुपए का अंतर है उसी अंतर को ठेकेदारों के कम रेट में सम्मिलित कर लिया जाएगा और आसान तरीके से कम रेट डालकर टेंडर ले कर धांधली करने का प्रयास किया जा रहा है टेंडर प्रक्रिया में नियम एवं शर्तों का निर्धारण पूर्व में ही किया गया है जिसे बाद में शिथिल करना यह प्रतीत होता है कि अपने परिचित ठेकेदारों को काम देने के लिए नियम एवं शर्तों में बदलाव किया गया है कोई भी टेंडर निकलने से पहले उसके नियम एवं शर्तें पहले ही प्रकाशित कर दी जाती हैं प्रकाशित होने के बाद उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है परंतु अधिशासी अभियंता विनोद कुमार सिंह के द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने परिचित ठेकेदारों को कार्य देने के लिए नियम एवं शर्तों में बदलाव किया गया है जो घोटाले का बहुत बड़ा संकेत है विनोद कुमार सिंह ने ऐसे ठेकेदारों को टेक्निकल बिड में पास कर दिया है जिनके द्वारा राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया है टेंडर निकलने के पहले से तैयार घोषणा पत्रों को ई टेंडर के पोर्टल पर अपलोड किया गया है जो कि अवैध है टेंडर निकलने के बाद स्व घोषणा पत्र देना चाहिए था परंतु उन ठेकेदारों को इसलिए टेक्निकल बिड में पास कर दिया गया है कि वह विनोद सिंह के बहुत खास है विनोद कुमार सिंह के द्वारा टेंडरों को मैनेज करने का भी कार्य किया गया है जिसका जीता जागता सबूत बिसवा राजबहा है क्योंकि यहां पर पूर्व में प्रकाशित टेंडर में अब्दुल हसीब के द्वारा बिसवा राजबहा में टेंडर डाला गया था वह भी 30 से 35 परसेंट कम रेट पर परंतु विनोद कुमार सिंह के द्वारा उक्त ठेकेदार को मना करते हुए बिस्वा में अपने नए ठेकेदार राहुल सिंह को सरकारी रेट से मात्र 2% बिलों पर टेंडर दिया जा रहा है जो कि सरकारी पैसे का बहुत बड़ा दुरुपयोग का संकेत है

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