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उच्चाधिकारीयों के सरक्षण मे गरीब लाभार्थीयों के खाद्दान पर कोटेदार डाल रहे डाका।

सीतापुर-अनूप पाण्डेय/मनीष मिश्रा/NOI-उत्तरप्रदेश जनपद सीतापुर में प्रदेश सरकार की इतनी शख्ती के बाद भी भ्रष्टाचार चरम पर है गरीब अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं और जिम्मेदार लूट घसूट कर अपनी जेब भरने में लगे हुए हैं जानकारी अनुसार कुछ इसी प्रकार का मामला विकास क्षेत्र रामपुर मथुरा के ग्राम पंचायत मथुरा में है यहां पर गरीब पात्रों का सरकारी खाद्यान्न की लूट जोरों पर चल रही है भ्रष्टाचार का आलम कुछ इस प्रकार की पात्रों का अंगूठा लगवा कर के राशन कार्ड या पर्चियों पर वितरण दर्ज कर दिया जाता है और उसके बाद मशीन न चलने आदि कारण बता कर पात्रो को बिना राशन दिये लौटा दिया जाता है और कल परसो करके महीना समाप्त हो है खाद्दान मिलता नहीं ऊपर से खाद्दान के चक्कर मे अनगिनत बार कोटेदार के यहाँ परिक्रमा लगाते है ग्रामीण, देशराज, जाहिद, कमलेश , सुलेमान, बरसाती लाल बब्लू, नूरा, सहजाद आदि दर्जनों ग्रामीणों ने बताया की कोटेदार द्वारा नवंबर माह का खाद्दान वितरण नहीं किया गया है अंगूठा लगवा लिया राशनकार्ड व परचिओ पर वितरण दर्ज कर दिया है हम सभी लेबर वर्ग के है मजदूरी हेतु जाना होता है खाद्दान लेने आओ खाद्दान भी नहीं मिलता है मजदूरी का ऊपर से नुकसान होता है जिसकी शिकायत हम सभी ने 03/12/2019 को तहसील समाधान दिवस मे किया था ततपश्चात कोटेदार ने 08/12/2019 को वितरण प्रारम्भ किया जिसमे सिर्फ गेहूं का वितरण कर रहे थे जिससे ग्रामीणों मे काफ़ी आक्रोश है अहम सोचनीय विषय यह है की तहसील समाधान दिवस मे दर्जनों ग्रामीणों ने जाकर फरियाद की लेकिन शिकायत के एक सप्ताह के बाद भी कोई जांच य कार्यवहीं नहीं हुइ है और कोटेदार बेखौफ़ भ्रस्टाचार को अंजाम दे रहा है शिकायत के बाद भी जाँच नहीं होने से साफ साफ जाहिर हो रहा है की इसमें उच्चाधिकारीयों का भी हाँथ है कोटेदार को उच्चाधिकारीयों का सरक्षण प्राप्त हैप्रदीप तिवारी, सप्लाई इस्पेकटर, ने बताया की नवंबर माह के खाद्दान वितरण मे गड़बड़ी की है ग्रामीणों द्वारा प्रार्थनापत्र मिला है जांच का विषय है समय मिलने पर जाँच की जाएगी अनियमितता होने पर कोटेदार के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी

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