सीतापुर-अनूप पाण्डेय, पवन कुमार/NOI-उत्तरप्रदेश सीतापुर जनपद में भारत सरकार द्वारा चलाऐ जा रहा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय निर्माण में बहुत बड़े घोटाले जनपद में हो रहे हैं जिसमें आम आदमियों के साथ मृतक लोगों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय दिए जा रहे है यह किसी एक विकास खंड में नहीं बल्कि जनपद के सभी 19 विकास खंडों की कंई ग्राम पंचायतों का हाल है जिसका जीता जगता उदाहरण है
1 विकासखंड महोली है जिसकी एक ग्राम पंचायत रोहिला है यहां पर जीवित आदमियों के साथ 11 मृतक लोगों को शौचालय देकर शौचालय की धनराशि का बांटा गया है वहीं दूसरा मामला विकासखंड ऐलिया की ग्राम पंचायत पारा का है यहां पर तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी ने स्वच्छ भारत मिशन मे शौचालय इस तरह दिए की गांव वालों के साथ ही जो गांव के बाहर निवास करते हैं और जो लोग गांव में रहते हैं पति और पत्नी को अलग अलग शौचालय देकर धनिराशि का दुरप्रयोग किया है यहां तैनात ग्राम पंचायत में राज्य वित्त व चौदहवां वित्त द्वारा दी गई धनराशि से कार्य के नाम पैसा जरूर निकाला गया लेकिन कार्य का पता नहीं जिससे यह प्रतीत होता है कि ब्लाक में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी को जनपद पर किसी उच्च अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है जिससे शिकायत होने के बावजूद भी अधिकारी जांच पत्र भेजकर जांच करने की तारीख भी देते हैं लेकिन बाद में वह जांच करने नहीं जाते और वह ग्राम वासियों को खुलेआम कहता है कि मे जनपद पर बैठे अधिकारियों को भी हिस्सा देता हूं मेरी जांच कभी भी नहीं करा पाओगे और मेरी जांच कौन करेगा में पैसा देता हूं वही ग्राम पंचायत टीकर बहादुरपुर में शौचालय में काफी घोटाला किया गया है यहां दो गड्ढों की जगह एक ही गड्ढा खोदकर शौचालय निर्माण कराया गया है और बहुत से शौचालयों में दरवाजे व छत का निर्माण नहीं कराया गया है इसी तरह ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त 14वें वित्त में सौर ऊर्जा स्ट्रीट लाइट लगवाने के नाम पर काफी पैसा निकाल लिया गया है
तथा तीसरा मामला विकासखंड लहरपुर की ग्राम पंचायत जीतामऊ का है जहां पर स्वच्छ भारत मिशंन के तहत दिए जाने वाले शौचालय लक्ष्य के मुताबिक ग्राम पंचायत में आधे भी नहीं बने हैं और जो बने हैं वह भी आधे अधूरे पड़े हैं किसी भी शौचालय में दो गड्ढे नहीं बने हैं और कई में दरवाजे पल्ले तक नहीं लगे है और ग्राम पंचायत ओडीएफ घोषित हो गई है सरकार द्वारा भेजी गई धनराशि ग्राम पंचायत में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी ने ग्राम पंचायत खाते से कई माह पूर्व धनराशि को निकाल लिया है जिसका कोई अता पता नहीं है यही हाल राज्य वित्त और चौथे हैं वित्त की धनराशि का है मौके पर काम नहीं और खाते में धनराशि नहीं जब इस संबंध में ग्राम वासियों ने शौचालय न बने होने के बात की तो उन्होंने बताया कि धनराशि जिला प्रशासन ने वापस ले लिया है अब आने पर बनवाया जाएगा ग्राम पंचायत में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी हिमांशु दीक्षित विकासखंड लहरपुर में घोटालों के लिए काफी चर्चित हैं लेकिन अच्छी पहुंच जिला प्रशासन में धन राशि का वितरण के कारण इन पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं होती अगर होती भी है तो हफ्ते दो हफ्ते के लिए कर दी जाती है उसके बाद उन्हें पुनः बहाल करके उसी विकासखंड में धन राशि का बंदरबांट करने के लिए भेज दिया जाता है ग्राम पंचायत अधिकारी हिमांशु दीक्षित ने जिला प्रशासन के साथ निर्वाचन आयोग की धज्जियां उड़ाते हुए मोहद्दीनपुर के प्रधान ने समिति के साथ मिलकर निर्वाचन के दौरान राज्य वित्त और 14 वित्त से लगभग 10लाख रुपए निकाल लिया और उसी से ग्राम पंचायत का चुनाव समिति के लोगों को चुनाव करा दिया यह ग्राम पंचायत के निवासियों का आरोप है कि जब से हिमांशु दीक्षित मेरी ग्राम पंचायत में तैनात हुए हैं तब से कोई भी कार्य नहीं हुआ है और सरकार द्वारा भेजी गई धनराशि का केवल बंदरबांट इनके द्वारा किया गया है जिस संबंध में ग्राम वासियों ने कई प्रार्थना पत्र जिला प्रशासन को दिया लेकिन ना कोई जांच न ही कोई कार्यवाही की गई बल्कि ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा ग्राम वासियों को धमकियां जरूर दी गई कि शिकायत से कहा की तुम मेरा कुछ भी नहीं कर पाओगे मैं ऊपर तक सबको हिस्सा देता हूं तब मैं नौकरी करता हूं यहां तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी हिमांशु दीक्षित यह कोई नया काम नहीं है इनके पास जितनी भी ग्राम पंचायतें हैं हर ग्राम पंचायतों में हर प्रकार से घोटाले किए गए हैं लेकिन इनकी जांच किन कारणों से नहीं होती यह ग्राम पंचायत के निवासी सोच सोच कर परेशान हैं कि किन कारणों से ग्राम पंचायत अधिकारी की जांच नहीं होती इसी विकासखंड में अचकैनापुर टप्पा में ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा शौचालय निर्माण कार्य में काफी घोटाला किया गया है लेकिन जिला प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा जिसके कारण घोटालो पर घोटाले हो रहे हैं
वहीं चौथा मामला विकासखंड रेउसा की विभिन्न ग्राम पंचायतों मे जियो टैग जरूर किए गए लेकिन मौके पर कुछ भी नहीं है यह हाल विभिन्न ग्राम पंचायतों का है ग्राम 1पंचायत भटपुरवा,2 ग्राम पंचायत देवरिया,3 ग्राम पंचायत परसिया,4 ग्राम पंचायत भादमरा, 5ग्राम पंचायत सरैया, यहां भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय की धनराशि में केवल जियो टैग करके एल ओ बी ओ एस बी एम के तहत दिए जाने वाले शौचालय में धनराशि को बंदरबांट ही किया गया है जियोटेक के मुताबिक ग्राम पंचायतों में आधे भी धरातल पर कार्य नहीं हुए है और जो भी कार्य हुए हैं वह आधे अधूरे हैं यहां तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी ने राज्य वित्त व 14 वित्त से केवल ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट सोलर लाइट और डस्टबिन क्रय किया है और किसी भी प्रकार का ग्राम पंचायत में ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा कार्य नहीं कराया गया है यहां पर पूर्व में खराब इंडिया मार्का नल भी नहीं बनवाए गए हैं जब ग्राम वासियों द्वारा नल बनाने के लिए कहा जाता है तो उनके द्वारा यह बताया जाता है कि जब धनराशि होगी तब बनवा दिए जाएंगे यहां पर तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी जब कोई अधिकारी जिले से आता है तब भी वह जांच पर नहीं आते हैं और कहते हैं जो करना हो तो कर लेना मेरा कुछ नहीं होगा
वहीं पांचवां मामला विकास खंड बेहटा का है जहां ग्राम पंचायत बसंतपुर में शौचालय आए जरूर लेकिन बनाने के नाम पर ग्राम पंचायत बहुत पीछे रहा जिस संबंध में ग्राम पंचायत के निवासियों ने मुख्य विकास अधिकारी जिलाधिकारी महोदय को कई बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद भी अभी तक कोई भी कार्यवाही नहीं कि गई न ही जांच कराई गई जिससे ग्राम विकास अधिकारी के हौसले बुलंद है और वह कहते हैं कि कोई कोई भी जांच नहीं करा सकता है क्योंकि मैं जनपद पर बैठे अधिकारियों को भी हिस्सा देता हूं इसलिए मेरा कोई भी कुछ नहीं कर सकता है ग्राम पंचायत वासियों ने इस बात को समझते हुए और प्रार्थना पत्र देने के बावजूद भी कोई भी जांच नहीं कराई गई जिससे ग्राम वासियों में भारी रोष व्याप्त है और ग्राम विकास अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत बसंतपुर में राज्य वित्त व 14 वित्त से भी कोई भी कार्य नहीं कराया गया है ग्राम पंचायत में जो पूर्व में इंडिया मार्क नल खराब पड़े थे वह आज भी खराब है जिससे आम जनता को पानी पीने भी मे भी कठिनाई हो रही है ग्राम पंचायत में जो भी शौचालय बने हैं वह आधे अधूरे आज भी पड़े हैं जिनको कोई देखने वाला नहीं है ग्राम विकास अधिकारी साजिद अली की जांच किस कारण से नहीं होती है जबकि इस संबंध में शिकायत जिला अधिकारी सीतापुर मुख्य विकास अधिकारी सीतापुर से कई बार करने के उपरांत भी ग्राम विकास अधिकारी साजिद अली की जांच अभी तक नहीं कराई गयी जबकि ग्राम विकासअधिकारी साजिद अली की समस्त ग्राम पंचायतो के साथ ग्राम बसंतपुर की जांच जनपद के किसी जांच एजेंसी से तुरंत कराई जाए जिससे दोषी अधिकारी और कर्मचारी को सजा मिल सके और ग्राम वासियों को न्याय मिल सके
इसी तरह विकासखंड सकरन के ग्राम सचिव रामकिशोर निर्मल ने ग्राम पंचायत दुगांना मे शौचालय निर्माण में बहुत बड़ा घोटाला किया है जिसकी कई बार शिकायत की गई है लेकिन जिला पंचायत राज अधिकारी के चहेते होने के कारण आज तक जांच केवल जनपद पर बैठकर हो जाती है यही हाल ग्राम सचिव अर्पित गुप्ता का है शौचालय निर्माण से नहीं बल्कि शासन द्वारा भेजी गई धनराशि से है वह कहते हैं कि जिले में पैसा देता हूं मेरी जांच कौन करेगा यह सभी जिला पंचायत राज अधिकारी के चहेते हैं अगर इनकी जांच इनको विकास खंड से हटाते हुऐ कराई जाये तो हो सकता है कई करोड़ का घोटाला प्रकाश में आये। वहीं रालोद नेता प्रवीण सिंह ने कहा है कि अगर जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विकास खंडों के विभिन्न ग्राम पंचायतों की जांच तुरंत नहीं कराती और घोटाला करने वालों पर जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही नहीं की जाती तो राष्ट्रीय लोक दल भारी जनसमूह के साथ धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी जिसकी के समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.