सीतापुर-अनूप पाण्डेय/ अरुण शर्मा/NOI-उत्तरप्रदेश जनपद सीतापुर के पिसावाँ थाना क्षेत्र में रातों रात पूरी आम की बाग और नीम के प्रतिबंधित पेड़ो के कटान की प्रकाशित खबर को लेकर वन विभाग द्वारा कार्यवाही की गई है मामले को लेकर ठेकेदारों व पेड़ मालिकों के खिलाफ विभाग ने पिसावाँ थाने में केस पंजीकृत कराया है वही वन विभाग की इस मामले को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आयी है प्रश्न ये उठ रहा है कि वन विभाग के जिम्मेदार कर्मचारियो के होते हुए भी इतनी बड़ी संख्या में हरे प्रतिबंधित पेड़ो को काट डाला गया और विभाग को मामले की जानकारी तक नही हुई।घटना थाना क्षेत्र के रावं व बहादुर नगर गाँव की है जहा पर एक हफ्ते के अंदर दो जगहों पर लगभग ढाई दर्जन से अधिक प्रतिबंधित आम व नीम के पेड़ो को रातों रात ठेकेदारों ने काट लिया था और पेड़ो की जड़ो को पत्तो और टहनियों के सहारे ढक दिया गया था मामले को लेकर सदभावना का प्रतीक ने शुक्रवार के अंक में ‘वन विभाग का एक ही नारा काटो पडे चलाओ आरा’नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी जिसको संज्ञान में लेते हुए वन विभाग ने बहादुर नगर निवासी आम बाग मालिक श्रीकेशन पुत्र जल्लू व ठेकेदार विशम्भर पुत्र परमेश्वर वही दूसरी तरफ रावँ निवासी नीम पेड़ मालिक कलीम पुत्र शमशाद व ठेकेदार खलील पुत्र निसार के खिलाफ वन संरक्षण नियम के अधीन 4/10 व 13/28 के तहत केस थाने में दर्ज कराया गया है।बाक्स- तीन जगहों पर तैनात पुलिस पिकेट फिर भी नही लगी भनकआखिर इतनी भारी संख्या में पेड़ो को लेकर आखिर किस रास्ते से ले जाया गया ये भी एक बडा सवाल उठ रहा है।रातों रात ठेकेदारों ने लगभग ढाई दर्जन से अधिक प्रतिबंधित पेड़ो को काट कर पार कर दिया और इतने बड़े मामले को लेकर वन विभाग व पुलिस विभाग के किसी कर्मचारी को इसकी भनक तक नही लगी।इस मामले को लेकर क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएं हो रही है।क्योकि जिस रास्ते पर कटान हुआ वह रास्ता हरदोई जनपद वाले रास्ते पर मिलता है जहा पर रात भर पुलिस पिकेट की मौजूदगी रहती है।वहीं दूसरी ओर पिसावाँ मुख्य चौराहे व कुतुबनगर चौकी भी है।आखिर इतनी बड़ी संख्या में भारी भरकम पेड़ो से लदी गाड़िया किस रास्ते से थाना क्षेत्र से बाहर हो गई कि इस मामले को किसी को जानकारी तक नही हुई।घटना को लेकर वन विभाग व पुलिस विभाग दोनो सवालों के घेरे में है।

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