दीपक ठाकुर:NOI।

दिल्ली में बीती 8 फरवरी को जो विधान सभा के चुनाव हुए उसमे भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच कुर्सी का झगड़ा साफ दिखाई दे रहा था एक तरफ जहां भाजपा सपोर्टर राष्ट्र को मुद्दा मानते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे थे तो वही आप के समर्थक दिल्ली में हुए काम को लेकर अपने मताधिकार का प्रयोग करते नज़र आ रहे थे,ये सारी बाते हमे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया बता रहा था।

ठीक मतदान के बाद जो एग्जिट पोल आया उसने ये बात बता दी कि दिल्ली के इस चुनाव में स्थानीय मुद्दों ने बाजी मार ली है मतलब भाजपा को पीछे छोड़ते हुए आम आदमी पार्टी ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है लेकिन इस एग्जिट पोल पर भाजपा को भरोसा होता नजर नही आ रहा भाजपा कहती है के ये एग्जिट पोल है और उसे इस पे भरोसा नही क्योंकि वास्तविकता से वो भली भांति परिचित है और उसके हिसाब से वास्तविकता ये है कि लोगों ने राष्ट्र के नाम पर वोट किया है इसलिए दिल्ली की कुर्सी उसी को मिलेगी।

लेकिन मीडिया जो ग्राउंड ज़ीरो से खबर दिखा रहा था उसके हिसाब से भी आम आदमी पार्टी को ही दिल्ली की कुर्सी मिलती हुई नजर आ रही थी तो फिर भाजपा के दावे और उनकी मीटिंग का क्या मतलब निकाला जाए ये समझ से परे था क्योंकि जहां तक दिल्ली में आप की सरकार की बात की जाए तो आप की सरकार ने दिल्ली की जनता को वो सबकुछ दिया जिसका उसको इंतज़ार था वही भाजपा ने सिर्फ और सिर्फ आप के फैसलों को चुनावी मुद्दा बंनाने का एक असफल प्रयास किया वहां के भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी जितना सक्रिय वहां की जनता की सेवा में नज़र नही आये उससे ज़्यादा सक्रिय वो आप पर तोहमत लगाते नज़र आये

जबकि देश जानता है कि दिल्ली की तस्वीर आम आदमी पार्टी ने बदल दी है जहाँ पहले शिक्षा, रोज़गार और स्वास्थ्य का वहां बुरा हाल था वही अब आपकी नब्ज़ बन गई है जो सबके दिलों में धड़क रही है तो जाहिर है कि 11 फरवरी को आप की सरकार दिल्ली में एक बार फिर ताजपोशी करती नज़र आएगी जिसके लिए भाजपा और कांग्रेस ताली बजाती नज़र आएगी क्योंकि वहां आपका काम काम करता दिखाई दे रहा है।

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