लखनऊ 20 फरवरी 2020: उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और रुमी फाउंडेशन लखनऊ चैप्टर द्वारा प्रस्तुत 7 वां वार्षिक वाजिद अली शाह फेस्टिवल गोमती-1857 मुजफ्फर अली द्वारा कल्पित एवं निर्देशित एक मल्टी मीडिया नृत्य नाटक 23 फरवरी को दिलकुशा पैलेस में धूमधाम से मनाया जाएगा इसकी घोषणा आज आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान मुजफ्फर अली द्वारा की गयी ।

पिछले साल से हमने अपनी वायु और जल को स्वच्छ रखने और पेड़ों की सुरक्षा करने के लिए पर्यावरण और पारिस्थितिक तंत्र के शक्तिशाली संदेश को समन्वित करने का निर्णय लिया है ।

मुझे आपको यह सूचित करते हुए बहुत खुशी हो रही है कि उत्तर प्रदेश पर्यटन एवं कारपोरेट प्रायोजकों की मदद से रूमी फाउंडेशन लखनऊ चैप्टर द्वारा वाजिद अली शाह समारोह को एक पर्यटन कार्यक्रम के रूप में स्थापित किया गया था जिस प्रकार से इसे पैकेज किया गया और रचनात्मक ढंग से पर्यटन ट्रेवल ट्रेड को प्रस्तुत किया ।

अभी तक छह संस्करणों के प्रस्तुतीकरण को बढ़ावा देते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन इसे उत्तर प्रदेश पर्यटन का कैलेंडर कार्यक्रम बनाते हुए इस कार्यक्रम का स्वामित्व लेता है

· गोमती 2013 छतरमंजिल

· इंद्र सभा 2015 रेजीडेंसी

· राधा कन्हैया का किस्सा 2016 छत्तर मंजिल

· रंग 2017, दिलकुशा पैलेस

· यमुना दरिया प्रेम का 2018, दिलकुशा पैलेस

· गंगानामा 2020, दिलकुशा पैलेस

जैसा कि आप देखेंगे इस समारोह को उन सभी संस्कृतियों को शामिल करते हुए मनाया जाता है जिसके वाजिद अली शाह महान प्रशंसक और प्रतिपादक थे उनके दरबार में भगवान कृष्ण का समारोह कविता पाठ, ठुमरी और कथक के माध्यम से मनाया जाता था ।

इस सरकार ने यह स्वीकार किया है कि माननीय मुख्यमंत्री का प्रबुदध दृष्टिकोण ब्रांड उत्तर प्रदेश की समग्र संस्कृति की समृदधि का प्रचार पूरे राज्य में विशेषकर लखनऊ मे और ठुमरी के कारण वाराणसी में भी पर्यटन को बढावा देने के लिए सकारत्मक संदेश देते हुए करना है।

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