इस वक़्त दुनिया मे हाहाकार मचा हुआ है भारत भी इस हाहाकार की भेंट चढ़ चुका है कारण हर भारतवासी भलीभांति जानता है वो जानता है कि चाइना से आये वायरस ने हमको मौत के मुह में भेजने का पूरा प्रोग्राम बना लिया है जिससे बचने का एक मात्र तरीका है भीड़ से बचना और जितना हो सके घर पर ही रहना।

इसी बात को हमारे पीएम नरेंद्र मोदी ने बड़ी संजीदगी से कहा उन्होंने कहा कि 22 मार्च को जनता कर्फ्यू है जिसमे जनता सहयोग दे,जनता ने भी 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का बखूबी पालन किया क्योंकि यहां बात जनता के हित की ही थी फिर भी ज़रूरी सामान लेने गए लोगों को चौक क्षेत्र की पुलिस ने डंडो से खदेड़ना शुरू कर दिया मानो वो घूमने आए हो क्या जनता कर्फ्यू में ये पुलिसिया व्यवहार आपको कहीं से शोभनीय लग सकता है आप ही बताइए।जिस कोरोना वायरस से हर इंसान दहशत में है उसे दूर करने के लिए उठाए जा रहे कदम की सराहना करने के बजाय उसकी मजबूरी पर डंडा मारना कहाँ तक उचित है जान हम सबको प्यारी है कहा भी जाता है कि जान है तो जहां है पुलिस को भी ये बात समझनी चाहिए किसी की मजबूरी पे इस तरह डंडे नही बरसाना चाहिए।

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