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कल से जो दिख रहा है उसे देख के यही सोचता हूँ कि बीमारी वीआईपी को हो बस…

दीपक ठाकुर

देश मे कोरोना मरीज़ों की संख्या 8 लाख के पार हो गई है लेकिन देश उनमें से कितने लोगों से परिचित है आप बताइए पहली कनिका कपूर से जिनके साथ सिंधिया परिवार जुड़ा था दूसरा उन नेताओं से जो ऊंचे पद पर हैं और तीसरा जो कल से सुर्खियों में छाया है वो बच्चन परिवार है जिसके बारे में पूरा देश जान गया अब बताइये 8 लाख से ऊपर के आंकड़े में आप इन्ही नामचीन लोगो से परिचित हैं जिनको मामूली कोरोना हुआ है बाकियों का क्या,क्या बाकी देश की जनता अनाथ है क्या सरकार और मीडिया उन्ही के बल पर चल रही है तो जवाब है नही सरकार देश की जनता बनाती है लेकिन सरकार बनने के बाद सरकार उसी की सोचती है जो सरकार को मुनाफा देती है जनता तो बेवकूफ है जो बहकावे में आ जाती है।आप मेरी बात को अन्यथा ना लें इसमें बहुत गहराई है।

आपने खुद देखा होगा एक आम आदमी कोरोना की चपेट में आ कर अस्पताल के बाहर तड़प रहा था लेकिन उसे अस्पताल ने भर्ती नही किया क्यों क्योंकि वो आम आदमी था लेकिन वीआईपी को खांसी भी आये तो मीडिया की सुर्खी बम जाती है कमाल है

वोट हम सबका काम सिर्फ वीआईपी का वाह रे मेरी सरकार और सरकारी विभाग ऐसा करोगे आम जनता के साथ।आज देश मे कोरोना सबके अंदर है लेकिन आपको किसी की फिक्र नही सबको आप सरकारी आंकड़ों में सेट कर देते है बताते है तो सिर्फ ये के रेखा के गार्ड को करोना हुआ बच्चन परिवार को हुआ अनुपम खेर के परिवर को हुआ उनको फलां अस्पताल में एडमिट किया उन्होंने क्या खाया क्या पिया कब सोए कैसे हैं ये सारी जानकारी मीडिया दे रही है लेकिन आम आदमी जो 8 लाख के पार पहुंच गया उसका क्या ये किसी को पता नही पता है तो बस वीआईपी के बारे में तो आप ही बताइये आम जनता किसका मुह देखे साहब हम आपके सहारे हैं और आप वीआईपी की सेवा में लगे हैं आम जनता क्या फालतू है आपकी नजर में।

कुछ तो इंसानियत रखो चेनल वालों काहे आम आदमी का मज़ाक बनाये हो यही वो आम आदमी है जो तुम्हारी झूठी टीआरपी बढ़ाता है फिर भी उसी को अनदेखा कर रहे हो सरकार से हमे कोई शिकायत नही क्योंकि सरकार को अपना 5 साल पूरा करना है और उसी में अपना भी देखना है

लेकिन मीडिया को तो हमेशा अपने आप को बनाये रखना है तो फिर आम जनता को दर किनार क्यों किया जाता है क्या आपको भी पांच साल ही चाहिए बताइये आपके ऐसे व्यवहार से ही जनता सोच में पड़ जाती है कि हे भगवान बड़ी बीमारी बड़े आदमी को ही देना हमें तो कोई यहां नही पूछता तो वहां क्या होगा??

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