reporters

हवा और सूरज की मदद से दौड़ेगी हमारी रेल

फाइल फोटो

अविनाश मिश्रा

रेल मंत्रालय ने 2030 तक भारतीय रेल को पूरी तरह से हरित ऊर्जा से चलाने का लक्ष्य तय किया है। मंत्रालय ने ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में भी कई जरूरी पहल की है। इसके अंतर्गत रेलवे विद्युतीकरण, स्थाई उपकरणों और स्टेशनों के लिए ग्रीन प्रमाण पत्र हासिल करना, जैव शौचालय बनाना, कार्बन उत्सर्जन को कम करना मुख्य हैं। भारतीय रेल ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए रूफटॉप सोलर पैनल के माध्यम से 500 मेगावाट ऊर्जा प्राप्त करने के लिए काम कर रही है। इसके लिए देश भर में 900 स्टेशनों सहित अन्य भवनों की छतों पर एक 100 मेगावाट क्षमता वाले सौर संयंत्र लगाए गए हैं। रेलवे ने दिसंबर 2020 तक 500 मेगावाट सौर ऊर्जा प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है।

खाली पड़ी जमीन का इस्तेमाल

रेलवे की हजारों एकड़ जमीन खाली है जहां सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसके लिए रेलवे ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। अब रेलवे अपनी खाली पड़ी जमीन पर सौर ऊर्जा प्राप्त करने के लिए संयंत्र लगा रहा है। इस काम को मिशन में किया जा रहा है ताकि निर्धारित समय सीमा में इसे पूरा किया जा सके। रेलवे की 20 गीगा वाट क्षमता वाले सौर संयंत्र स्थापित करने की योजना है। पवन ऊर्जा क्षेत्र में भी रेलवे बड़ा कदम उठा रहा है। इसके लिए रेलवे अब तेजी से पवन आधरित ऊर्जा संयंत्र लगा रहा है। तमिलनाडु, गुजरात, राजस्थान और कर्नाटक में पवन ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। रेलवे का लक्ष्य अगले दो वर्षों में 200 मेगावाट क्षमता वाले पवन ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की है।

215 स्टेशनों को ग्रीन सर्टिफिकेट

फाइल फोटो

जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने की भी है तैयारी जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए भारतीय रेलवे ने अपने इमारतों और स्टेशनों में एलईडी बल्बों की माध्यम से 100 फीसदी प्रकाश करने जैसी हरित पहल शुरू की है। रेलवे में जलवायु परिवर्तन से निपटने के उद्देश्य से ये सुधार किए जा रहे हैं। रेल परिसर के आसपास पौध भी लगाए जा रहे हैं। अब तक 215 स्टेशनों को ग्रीन सर्टिफिकेट आईएसओ 14001 प्रमाण पत्र भी मिल चुका है। रेलगाड़ियों में अधिक से अधिक जैव शौचालयों की व्यवस्था की योजना है।

(लेखक युवा पत्रकार हैं। इन दिनों एक प्रतिष्ठित अखबार के  बिहार ब्यूरो में कार्यरत हैं।)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.