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नानपारा में सेनेटाइज़ेशन न होने के कारण क्षेत्र के लोग परेशान

नानपारा में सेनेटाइज़ेशन न होने के कारण क्षेत्र के लोग परेशान

शहर के बीचो-बीच बस्ती में कूड़े का ढेर


नफीस अहमद / शाहबाज़ अहमद – न्यूज़ वन इंडिया

बहराइच, नानपारा। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के नगर पालिका नानपारा क्षेत्र में गंदगी ने अपने पैर पसार रखे हैं। कोरोना जैसी इस महामारी में भी नानपारा नगरपालिका साफ़-सफाई में बहुत पीछे है। नगर में फैली गंदगी स्वच्छ भारत अभियान को मुँह चिढ़ा रही है। कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी में भी जहाँ एक ओर देश के प्रधानमंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री ने देश व प्रदेश की जनता से साफ़-सफाई रखने की अपील की है। वहीँ दूसरी ओर सभी नगर निगम, नगर महापालिका, नगर पालिका व नगर पंचायत को भी क्षेत्र में सेनेटाइज़ेशन के लिए कहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तो सप्ताह में 2 दिन (शनिवार व रविवार) लॉकडाउन ही सिर्फ कोरोना की रोकथाम और सेनेटाइज़ेशन का कार्य के लिए ही किया है। लेकिन अफ़सोस यह है कि प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की बातों को नज़रअंदाज़ कर नगर पालिका नानपारा के चेयरमैन अब्दुल मोईद (राजू) न तो क्षेत्र में फैली गंदगी पर ध्यान दे रहे हैं और न ही नगर में सेनेटाइज़ेशन करवा रहे हैं। शहर में तमाम जगहों पर गंदगी फैली है। कूड़े के ढेर की वजह से आस पास के लोगों का निकलना दूभर हो जाता है।

आपको बताते चलें की नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल मोईद (राजू) खुद कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं लेकिन इसके बावजूद भी वो जागे नहीं हैं अभी तक। नगर के तमाम लोगों की शिकायत है की सेनेटाइज़ेशन का कार्य तो हो ही नहीं रहा है और तो और सेनेटाइज़ेशन के नाम पर दवा में पानी ज़्यादा मिलाकर क्षेत्र के लोगों को बेवक़ूफ़ बनाने का काम किया जा रहा है। इनकी इस लापरवाही से नानपारा में कभी भी कोरोना बम फूट सकता है। शहर में फैली गंदगी पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को मुँह चिढ़ा रही है। बावर्ची टोला निवासी शादाब का कहना है कि “कई दिन हो जातें है नालियों की सफाई भी नहीं होती है और तो और बारिश होते ही उनके घर में बारिश का पानी तक भर जाता है” | वहीँ शाकिब का कहना है कि नाली की सफाई अगर हो भी गयी तो मलबा हफ़्तों तक रोड पर पड़ा रहता है और फिर नाली में चला जाता है जिससे नाली का पानी रोड पर बहने लगता है।

आपको मालूम होगा की बहराइच के जिलाधिकारी भी कोरोना पॉजिटिव होने के कारण लखनऊ पीजीआई में एडमिट है। सवाल यह उठता है कि आखिर अभी नहीं तो कब जागेगा नानपारा नगर पालिका ? चुनाव लड़ने के वक़्त साफ़-सफाई और अच्छी मेडिकल सुविधा का वादा करने वाले अब्दुल मोईद (राजू) पूरी तरह से फेल साबित हुए हैं। लोगों के माने तो अब नानपारा उपजिलाधिकारी ही आखिरी रास्ता हैं जिनसे शहर की साफ़-सफाई और सेनेटाइज़ेशन के लिए फ़रियाद की जा सके।

क्षेत्र में तेज़ी से फैला है वायरल, डेंगू व टाइफाइड बुखार

नगर में तेज़ी से फ़ैल रहे इस वायरल, टाइफाइड और डेंगू बुखार ने लोगों की कमर तोड़ दी है। पूरे शहर में बुरी तरह से फैली ही यह बीमारियां उसके बावजूद भी सब सोते नजर आ रहे हैं। शहर की साफ़-सफाई की व्यवस्था अब भगवान भरोसे ही है। सूत्रों की माने तो नानपारा उपजिलाधिकारी राम आसरे वर्मा से भी लोगों ने शिकायत की है। अब देखना यह होगा कि आखिर उपजिलाधिकारी इसको कितनी गंभीरता से लेते हैं ?

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