लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमण्डल के मॉनसून सत्र के पहले दिन गुरुवार को विधान परिषद की कार्यवाही दिवंगत मंत्रियों एवं नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। उच्च सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे सभापति रमेश यादव की अध्यक्षता में शुरू हुई। इस दौरान प्रदेश के पूर्व मंत्री और मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टण्डन, मौजूदा सरकार की कैबिनेट मंत्री कमल रानी वरुण और चेतन चौहान के निधन पर शोक प्रस्ताव पेश किया गया।

सदन के नेता एवं उप मुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लालजी टण्डन, कमल रानी वरुण और चेतन चौहान ने अपना जीवन जनसेवा को समर्पित कर दिया। उनका निधन सभी के लिए एक अपूर्णीय क्षति है। अहमद हसन की अनुपस्थिति में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सम्भाल रहे श्याम सुंदर दास निषाद ने भी दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रस्ताव पर सुरेश कुमार त्रिपाठी, लक्ष्मण प्रसाद आचार्य तथा अन्य सदस्यों ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए। सभापति रमेश यादव ने नेता सदन, नेता विपक्ष तथा अन्य सदस्यों की भावनाओं से खुद को जोड़ते हुए दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। मृतात्माओं की शांति के लिये दो मिनट का मौन रखे जाने के बाद सदन की कार्यवाही शुक्रवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिये स्थगित कर दी गई।

कोविड-19 महामारी के समय बुलाए गए इस सत्र में सदन के अंदर जरूरी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया गया है। सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के मकसद से सदस्यों के लिये एक सीट छोड़कर बैठने का इंतजाम किया गया है। इसके अलावा दर्शक दीर्घा में भी दर्शकों के बजाय सदस्यों के बैठने के लिये निर्धारित प्रोटोकॉल के मुताबिक बंदोबस्त किया गया। सभी सदस्य मास्क लगाकर सदन में पहुंचे।

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