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दिव्यांगजन से मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल संचालन योजनान्तर्गत मांगे गए आवेदन

दिव्यांगजन से मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल संचालन योजनान्तर्गत मांगे गए आवेदन

शमी खान उन्नाव


जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी विनय उत्तम ने जनपद के समस्त ऐसे दिव्यांगजनों को सूचित किया है कि जो मस्क्यूलर डिस्ट्रोफी, स्ट्रोक, सेरेब्रल पालिसी, हीमोफिलिया आदि से ग्रसित हों या व्यक्ति उपर्युक्त की भाॅति शारीरिक स्थिति में हांे, उसकी दृष्टि अच्छी हो, मानसिक स्थिति अच्छी हो, कमर के ऊपर का हिस्सा (भाग) स्वस्थ्य हो, संबंधित दिव्यांगजन मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल पर बैठकर अपने हाथों से उपकरण का संचालन करने में सक्षम हो व जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा उसकी दिव्यांगता न्यूनतम 80 प्रतिशत या उससे अधिक प्रमाणित की गयी हो, को निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराये जाने का प्राविधान है।
उन्होंने बताया इच्छुक दिव्यांगजन अपना आवेदन पत्र दिनांक 25.08.2020 तक जिला दिव्यांगजन सषक्तीकरण कार्यालय में जमा कर सकते हैं।
अनुदान की दर- इस योजना के अन्तर्गत अनुदान की अधिकतम धनराशि मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वास्तविक मूल्य अथवा रू0 25000 जो भी न्यूनतम हो, प्रति दिव्यांगजन अनुमन्य होगा। यदि मोटराइज्ड टाईसाइकिल की कीमत रू0 25000.00 से अधिक होती है, तो अनुदान की अधिकतम धनराशि रू0 25000.00 के अतिरिक्त आने वाले व्यय का भार स्वयं लाभान्वित होने वाले व्यक्ति द्वारा वहन किया जायेगा। इसकी भरपाई विधायक निधि/सांसद निधि/सी0एस0आर0 के माध्यम से की जायेगी।
आयु- 16 वर्ष या 16 वर्ष से अधिक के दिव्यांगजन, जो जनपद के स्थाई निवासी हैं, वह इस योजना के पात्र होंगे। दिव्यांगजन या उनके परिवार की समस्त स्त्रोतों से वार्षिक आय रू0 180000.00 से अधिक नहीं होनी चाहिए। आय तहसील द्वारा निर्गत आय-प्रमाण पत्र मान्य होगा। इस योजना से पात्र दिव्यांगजन को पूरे जीवन काल में केवल एक बार मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल से लाभान्वित किया जायेगा।उन्होंने बताया कि ऐसे दिव्यांगजन पात्र होंगे, जिन्हें भारत सरकार/स्थानीय निकाय/ सांसद निधि/विधायक निधि या सरकार द्वारा अनुदानित स्त्रोतों से उसे मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल से पूर्व में लाभान्वित नहीं किया गया हो।
उन्होंने बताया अनुदान की प्रक्रिया के योजनान्तर्गत कार्यालय में प्राप्त आवेदन पत्रों को नियमावली में उल्लिखित पात्रता के अनुसार उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष ‘‘प्रथम आवक प्रथम पावक के सिद्धान्त‘‘ के आधार पर लाभान्वित किया जायेगा। पात्र दिव्यांगजन को आधार/यू0डी0आई0डी0 कार्ड कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा।
उन्होंने बताया दिव्यांगता प्रमाण पत्र 80 प्रतिशत या उससे अधिक का हो, मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा निर्गत किया गया हो, आय प्रमाण पत्र वार्षिक रू0 180000.00 से अधिक न हो, जो तहसील द्वारा निर्गत किया गया हो, निवास प्रमाण पत्र एवं मोबाइल नम्बर, विद्यार्थी वर्ग हेतु वर्ग हेतु हाईस्कूल/उच्चतर कक्षाओं को शैक्षिक प्रमाण पत्र, आवेदक का जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड/यू0डी0आई0डी0 कार्ड/अन्य प्रमाण पत्र की छाया प्रति, दिव्यांगता प्रदर्शित करता हुआ एक पास पोर्ट साईज का स्वप्रमाणित नवीन फोटोग्राफ संलग्न होगा।

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