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कई वर्षों बाद उपलब्ध कराई गई परिषदीय विद्यालयों में उर्दू की पुस्तकें

कई वर्षों बाद उपलब्ध कराई गई परिषदीय विद्यालयों में उर्दू की पुस्तकें

शमी खान

उन्नाव जनपद उन्नाव के सफीपुर निवासी अरशद अली द्वारा उठाई गई आवाज से कई वर्षों के बाद परिषद विद्यालयों में प्रदेश की द्वितीय शासकीय भाषा उर्दू की पहुँची पुस्तकें, छात्रों अभिभावकों एवं उर्दू अध्यापकों में छाई खुशी की लहर।जनपद में कई वर्षों से उर्दू पुस्तको की मांग अधिकारियों द्वारा नही की जा रही थी ,कस्बा सफीपुर निवासी अरशद अली के द्वारा पिछले वर्ष से ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक आवाज उठाई गई थी कि जनपद के स्कूलों में छात्रों को अन्य पुस्तको के साथ साथ प्रदेश की द्वितीय शासकीय भाषा उर्दू की किताबें भी निशुल्क मुहैया कराई जाएं अरशद अली की काफी कोशिशों के बाद कुछ विद्यालयों में ही उर्दू की किताबें पहुंच पाई हैं कस्बा सफीपुर के प्राथमिक विद्यालय कजियाना में उर्दू पुस्तकों का प्रधानाध्यापक विवेक कुमार के द्वारा वितरण किया गया इस मौके पर उर्दू अध्यापक सूफिया बानो, रंजू कटिहार, शैलेश कुमार, सानिया गुप्ता, शिक्षामित्र मंजू पाल ,निशा, ठाकुर प्रसाद आदि अध्यापक उपस्थित रहे संज्ञान में आया है कि जनपद के ब्लाक नवाबगंज, हिलौली, मियागंज, बिछिया,पुरवा,सिकंदरपुर कर्ण,असोहा आदि

के विद्यालयों में मुस्लिम समाज के उर्दू पढ़ने वाले बच्चे और उर्दू अध्यापक होने के बाद भी विद्यालयों में अभी तक एक भी किताबें उपलब्ध नहीं कराई गई है इन इलाकों में भी उर्दू की किताबों पहुंचाने के लिए अरशद अली द्वारा पुरजोर कोशिश की जा रही है।ये भी जानकारी आ रही है कि खण्ड शिक्षा अधिकारी फतेहपुर 84 से अध्यापक द्वारा उर्दू की किताबो की मांग करने पर किताबे उपलब्ध करना तो दूर उर्दू का नाम सुनकर अध्यापक के विरुद्ध उल्टा दंडात्मक कार्यवाही की जा रही है।

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