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जच्चा और बच्चा को मिला प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ

अतुल यादव


-अच्छे पोषण और स्वास्थ्य देखभाल में मिला फायदा
योजना से संबन्धित जानकरी के लिए राज्य स्तर पर जारी किया गया हेल्पलाइन नंबर-7998799804

योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने पर तीन किस्तों में मिलते हैं 5000 रुपये

कासगंज, 04, सितंबर, 2020।

कोरोना के इस मुश्किल वक्त में जब रोजी-रोजगार को लेकर दिक्कत है तो ऐसे में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं के हितकर साबित हो रही है। लगभग तीन वर्षों के दौरान इस योजना से कासगंज में जुलाई 2017 से 28590 लक्षित हैं जिले में महिलाएं ग्रामीण क्षेत्र में, महिलाएं शहरी क्षेत्र में लाभान्वित हुईं हैं. कुल 23652महिलाओं को इस योजना का लाभ प्राप्त हुआ है.

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रतिमा श्रीवास्तव का कहना है कि कोरोना संक्रमण के दौर में भी पात्र महिलाओं को निरंतर योजना का लाभ देकर सही मौके पर आर्थिक मदद दी जा रही है। उम्मीद है इस राशि से माँ और बच्चे के अच्छे पोषण और स्वास्थ्य देखभाल में सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि संक्रमण के चलते लाभार्थी योजना के फॉर्म अपने क्षेत्र की आशा, एएनएम से संपर्क करके भर सकते हैं। इसके साथ ही प्रवासी पात्र महिलाएँ भी आशा से संपर्क कर इस योजना का लाभ ले सकती हैं।

अब इस योजना को लाभार्थियों के लिए अनुकून बनाने के लिए प्रदेश स्तर पर हेल्पलाइन नंबर 7998799804 जारी किया गया है। इस हेल्पलाइन से लाभार्थी फ़ोन पर ही आवेदन संबंधी तथा भुगतान न होने पर आ रही समस्याओं का निराकरण प्राप्त कर सकेंगी।

क्या है प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना

पहली बार गर्भवती होने वाली महिला व प्रसव बाद जच्चा-बच्चा के बेहतर स्वास्थ्य के लिए केंद्र सरकार द्वारा जनवरी 2017 को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शुरुआत की गयी थी। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को पोषण के लिए 5000 रुपये का लाभ तीन किश्तों में दिया जाता है। पंजीकरण कराने के साथ गर्भवती को पहली किश्त के रूप में 1000 रुपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने पर तीसरी किश्त में 2000 रुपये दिए जाते हैं। लाभ पाने के लिए महिला की उम्र 19 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। महिला सरकारी कर्मचारी नहीं होनी चाहिए। सभी भुगतान गर्भवती के बैंक खाते में किये जाते हैं जिसका आधार से लिंक होना ज़रूरी है।

न बताएं ओटीपी-
कासगंज के डीसीपीएम कुंवरपाल सिंह ने बताया कि योजना से संबंधित कोई भी प्रतिनिधि लाभार्थी से ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) नहीं पूछता है और न ही सवेंदनशील सूचनायें जैसे अकाउंट नंबर, सीवीवी पिन मांगता है। यदि कोई व्यक्ति लाभार्थी से इस तरह की जानकारी मांगता है तो उसे यह जानकारी कतई न दें। इस तरह की जानकारी मांगने वाला व्यक्ति पीएमवीवाई प्रतिनिधि नहीं हो सकता। योजना के लिए आवेदन फॉर्म सिप्सा की वेबसाइट sifpsa.org पर भी उपलब्ध है।

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