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पुलिस की गलतफहमी के चक्कर मे गई युवक की जान परिजनो ने किया हरगाँव थाने का घेराव।

पुलिस की गलतफहमी के चक्कर मे गई युवक की जान परिजनो ने किया हरगाँव थाने का घेराव।

सीतापुर-अनूप पांडेय,राकेश पाण्डेय/NOI-उत्तरप्रदेश जनपद सीतापुर के थाना हरगांव में एक बड़ी घटना घटी,जिसने एक लड़के को इतना मजबूर कर दिया कि उसने जहर खाना ही मुनासिब समझा ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हरगाँव थाना क्षेत्र में दो दिन पहले आदर्श नगर पंचायत हरगांव के मोहल्ला शिवनगर निवासी गिरीश तिवारी पुत्र स्व0 रामप्रकाश तिवारी जो शाम को अपने घर आने के लिये हरगांव के मुख्य चौराहे पर अपने किसी मिलने वाले से यह बोला कि आओ तुम्हे घर छोड़ दूं। लेकिन समीप में खड़ी थाना हरगांव की महिला आरक्षी को लगा कि बद नियति के चलते उसने मुझे छोड़ने के लिए कहा। और उसने मृतक के थप्पड़ जड़ दिया।


मृतक गिरीश तिवारी ने एक सोसाइड नोट भी लिखा जिसमे दर्शया की महिला पुलिस व अन्य पुलिस कर्मी की वजह से यह हालत पैदा हुये।
इस बात को लेकर पास में खड़ी महिला पुलिस आरक्षी अपूर्वा दीक्षित की गलतफहमी का शिकार हो गया। सूत्र बताते हैं कि कुझ देर बाद उस लड़के को चौराहे से थाने पर पुलिस पकड़ ले जाती है।
सूत्रों की माने तो पुलिस के पकड़ने से पहले उस लड़के ने बोला, कि मैंने ऐसा कोई गलत काम नही किया, अगर आपने मुझे गलत फसाया तो मैं जहर खा लूंगा पर पुलिस ने एक भी ना सुनी। उसे थाने ले जाकर एक रात और एक दिन थाने में रखा। जहाँ पर उसे पुलिस द्वारा टॉर्चर भी किया गया।
गिरीश तिवारी का बड़ा भाई कपिल तिवारी जो कि उप जिलाधिकारी सदर का ड्राइवर है, जब उसे जानकारी हुई तो उसने उप जिलाधिकारी सरदार से थाना हरगांव के प्रभारी निरीक्षक से बात कराई तब जाकर उसे हरगांव थाने से छोड़ा गया ।
सूत्र यह भी बताते हैं कि पीड़ित गिरीश तिवारी ने घर आते ही एक पत्र लिखा और जहर खा लिया। इतना ही नही यह जानकारी जब हरगांव थाने को हुई तो उसे आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हरगांव में भर्ती कराया गया जहाँ उसकी हालत नाजुक होते ही उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। जहाँ पर उसकी रात्रि 1 बजे मृत्यु हो गई। अब देखना यह है क्या सीतापुर पुलिस अधीक्षक कोई कार्यवाही इस घटना में संलिप्त पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही करते है या नही ।
इमलिया सुलतानपुर, महमूदाबाद, व लहरपुर व अन्य थानों की पुलिस मौके पर मौजूद रही साथ ही तीन ट्रक पी एस सी मौजूद रही ।
परिजनों ने जब यह सुना कि मृतक गिरीश तिवारी कोरोना पॉजिटिव है तब गुस्साये परिजनों ने थाने का घेराव कर दिया ।थाने का घेराव व रोड जाम करने की कोशिश की तभी अपर पुलिस अधीक्षक ने भीड़ को काबू किया।
घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे विधायक सुरेश राही
व पूर्व चेयरमैन हरिनाम बाबू मिश्र ने परिजनों को समझा बुझाकर शान्त कराया । कुछ देर बाद उप जिलाधिकारी सदर अमित कुमार भट्ट ने भी हरगांव थाने पर पहुंच कर घटना की जानकारी ली ।
अपर पुलिस अधीक्षक डा. राजीव दीक्षित ने कहां कि संपूर्ण घटनाक्रम की जांच कराई जा रही है किसी भी दोषी को नहीं बख्शा नहीं जायेगा । उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही होगी, चाहे वह थाना प्रभारी हरगांव ही क्यो ना हो । अब देखना यह कि अगर यह एक गलतफहमी की दशा में एक युवक की जान चली गई पर पुलिस को इससे क्या मिला । अपर पुलिस अधीक्षक क्या इस घटना पर कोई ठोस कार्यवाही करते हैं या फिर इसे अनदेखा करके ही छोड़ देते हैं एक सोचनीय प्रश्न यह भी है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के पहले मृतक की लाश की कोरोना टेस्टिंग की गई जिसकी रिपोर्ट पाॅजिटिव आई है । लाश का पोस्टमार्टम भी लखनऊ में ही होगा ।

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