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आशा बहुओं ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर लगाया अधीक्षक पे अवैध वसूली का आरोप।

आशा बहुओं ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर लगाया अधीक्षक पे अवैध वसूली का आरोप।


सीतापुर-अनूप पाण्डेय, राकेश पाण्डेय/NOI-उत्तरप्रदेश जनपद सीतापुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हरगाँव की आशाओं ने जिला अस्पताल सीतापुर पहुँच कर मुख्य चिकित्साधिकारी सीतापुर डा. आलोक वर्मा को एक शिकायती पत्र देकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हरगाँव में चल रही आशाओं के साथ अवैध वसूली को अतिशीघ्र बंद करवा कर बकाया पड़ा पारिश्रमिक दिलाने की मांग की है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हरगांव सीतापुर की दर्जनों आशा बहुओं ने मुख्य चिकित्साधिकारी सीतापुर के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री उत्तर प्रदेश शासन को प्रार्थना पत्र भेज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हरगाँव के प्रभारी अधीक्षक डा. नीतेश वर्मा के ऊपर अवैध वसूली का संरक्षण किए जाने का आरोप लगाया है । अपने दिए गए प्रार्थना पत्र में उन्होंने कहा मार्च से अभी तक डिलीवरी एचबीएन, सी पोलियो, नसबंदी, कोरोना सर्वस फाइलेरिया, खसरा बूस्टर नियमित अन्तराल का अभी तक पैसा नहीं दिया गया है। जो पैसा आता भी है उसमें अवैध वसूली करते हैं इस पैसे को बीसीबीएम संतोष कुमार द्वारा लिया जाता है। बीसीबीएम संतोष कुमार कहते हैं की उच्च अधिकारी जब हम से पैसे लेते हैं तो हम आप लोगों से वसूली करते हैं। आशा बहुओं ने अधिक शराब पीकर बैठने और आशा बहुओं से अभद्रता का व्यवहार करने का भी आरोप बीसीबीएम व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हरगांव के अधीक्षक पर लगाया हैं तथा कहा कि पैसा देने से मना कर देते हैं पैसा मांगने पर बीसीबीएम कहते हैं ठीक है पैसा वापस कर देंगे पर तुमको नहीं देंगे । अभी तक कुछ आशा बहुओं ने शिकायती पत्र दिया उसके समाधान के लिए जिलाधिकारी ने कार्यवाही करने का आश्वासन दिया था । तब बीसीबीएम संतोष कुमार ने आशा बहुओं की नौकरी से निकालने की धमकी देकर सादे कागज पर शिकायत करने वालों के हस्ताक्षर करवा लाए थे। तथा साथ वाला बढा हुआ पैसा आशा बहुओं को अभी तक नहीं मिला है। अप्रैल महीने में 2000 रुपए बीसीपीएम ने अग्रिम लिया था और कहा था कि 9 हजार मिलेंगे। अब उनका कहना है कि हमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में भी जमा करना पड़ता है उसके बाद ही मिलेंगे आप लोगों को नौ हजार रुपये।
आशाओं ने बताया कि वह पैसे अभी तक नहीं मिले और 2000 रूपया चला भी गया। वही हर माह की रिपोर्ट पर 1500 रुपए मिल जाता है । कभी पूरा पैसा ही नहीं मिलता जो हम लोग काम करते हैं । जब पैसों के बारे में पूछते हैं तो बीसीबीएम संतोष कुमार कहते हैं कि हमारा झाड़ू पोछा किया है जो पैसे मांग रहे हो। हम लोग जब पूछते हैं तो कहते हैं कि बजट नहीं है हम क्या अपनी जेब से दें । हम लोग काफी परेशान व मजबूर है । प्रार्थना पत्र देने वालों के नामों में प्रमुख हैं सुमन देवी, प्रीति तिवारी , पूनम शुक्ला, आशा देवी, पूनम सिंह, शिव प्यारी, गीता देवी, मनीषा आदि मौजूद रहीं ।

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