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शासन द्वारा जांच में पाए गए दोषी सीतापुर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आलोक वर्मा को पद से किया मुक्त।

शासन द्वारा जांच में पाए गए दोषी सीतापुर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आलोक वर्मा को पद से किया मुक्त।

सीतापुर -अनूप पांडेय/NOI-उत्तरप्रदेश भ्रष्टाचार की शिकायत पर शासन ने की कड़ी कार्यवाही ।

आपको बताते चलें जनपद में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आलोक वर्मा पर कई गंभीर आरोप लगे थे वही चेयरमैन दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री वीरेंद्र कुमार तिवारी ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह व अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य उत्तर प्रदेश शासन को लिखित शिकायत की थी जिसमें कोरोना काल में निम्न गुणवत्ता का सामान क्रय करने का आरोप लगाया था जैसे कि पी पी किट ,एन 95 मास्क ,काटन मास्क, प्लास्टर , सैनिटाइजर पानी की तरह जिस में एल्कोहल की मात्रा ना के बराबर थी खुले दास्ताने जो की बोरी में दिए गए थे जो संक्रमण रोकने में प्रभावी नहीं थे मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा गुणवत्ता का सामान क्रय किया जाने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कई चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी कोविड 19 पॉजिटिव हो गए इसके अतिरिक्त कोविड L1 हॉस्पिटल खैराबाद में ड्यूटी कर रहे चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी को क्वॉरेंटाइन में घटिया भोजन उपलब्ध कराना कोरोना काल में आवश्यक वस्तुओं की कमी व अभाव में चिकित्सा स्वास्थ्य कर्मी आशा एवं कार्य कर रहे हैं मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा चिकित्सालय एवं कर्मचारियों का वेतन विगत दो-तीन महीनों से प्रत्येक माह में 2 से 3 दिन का वेतन काटा जाना और किसी भी प्रकार का अवकाश देने के बदले धन के स्वीकृत के बिना अवकाश नहीं दिया जाना एवं वार्षिक वेतन वृद्धि में रोक लगा दी गई थी सीएमओ द्वारा औचक निरीक्षण करा कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का जिसमें अगर कोई भी फील्ड पर गया है या इधर उधर गया है उसे अनुपस्थित करके उक्त दिवस का वेतन काट दिया जाता था गोपनीय एस0सी0आर0 भी नहीं भेजी जा रही थी जिससे कई प्रमोशन रुके हुए थे।


वही जनपद सीतापुर में भाजपा उपाध्यक्ष स्वर्गीय रामेंद्र शुक्ला की कोविड 19 बीमारी के इलाज में लापरवाही व वेंटिलेटर ना लगाने से मृत्यु हो जाने की शिकायत चिकित्सा स्वस्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री व अपर मुख्य सचिव को लिखित शिकायत करते हुए जाँच की माँग की थी।जिसको शासन ने संज्ञान लेते हुए जाँच अधिकारी अपर निदेशक लखनऊ मंडल को जाँच अधिकारी नियुक्त किया था। जिन्होंने जाँच करके अपनी आख्या शासन को प्रेषित की

जिसमे डॉक्टर आलोक वर्मा दोषी पाए गए शासन ने कार्यवाही करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी सीतापुर डॉ आलोक वर्मा को पद से मुक्त कर दिया शासन द्वारा जिला बस्ती के जिला चिकित्सालय में वरिष्ठ परामर्शदाता के रूप में नियुक्ति कर गयी है।

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