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राष्ट्रीय संविधान दिवस पर एमिटी यूनिवर्सिटी, जयपुर में वेबिनार का आयोजन

राष्ट्रीय संविधान दिवस पर एमिटी यूनिवर्सिटी, जयपुर में वेबिनार का आयोजन

डॉ.पल्लवी मिश्रा
“हमारा संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं हैं, बल्कि यह सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता को ध्यान में रखते हुए देश का मार्गदर्शन और शासन करने के लिए एक व्यापक संरचना हैं” यह कथन, श्री पानाचंद जैन, न्यायमूर्ति (रि.) उच्च न्यायलय, राजस्थान ने राष्ट्रीय संविधान दिवस के अवसर पर एमिटी स्कूल ऑफ़ कम्युनिकेशन, एमिटी यूनिवर्सिटी, जयपुर द्वारा “नागरिकों को संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति मीडिया की भूमिका” विषय पर आयोजित वेबिनार में कहा. श्री जैन ने कहा भारत के प्रत्येक नागरिक को अपने मौलिक कर्तव्यों को समझना अत्यंत आवश्यक हैं तथा संविधान की रक्षा करना उनकी जिम्मेदारी हैं. भारतीय संविधान संपूर्ण राष्ट्र को संप्रभुता, बंधुत्व, समानता, स्वतंत्रता, एकता और न्याय की दिशा में बांधता हैं. ऐसे में मीडिया की भूमिका नागरिकों को संविधान के मूल तत्वों के बारे में जागरूक करने में महत्वपूर्ण हैं.


कार्यक्रम को संबोधित करते हुआ डॉ.प्रज्ञा पालीवाल गौर, अपर महानिदेशक, प्रेस सूचना ब्यूरो, राजस्थान ने कहा कि बाबा साहब ने अधिकारों और कर्तव्यों के बीच एक करीबी संबंध देखा और महसूस किया कि जब हम अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं तो अधिकार स्वत: ही संरक्षित हो जाते हैं. उन्होंने बताया प्रेस सूचना ब्यूरो निरंतर भारत के संविधान के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के लिए प्रयासरत हैं. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार श्री राजेन्द्र बोरा ने कहा कि मीडिया भारतीय लोकतंत्र का चौथा स्तंभ तथा जनप्रतिनिधि हैं. जमीनी स्तर पर लोगों में नागरिक कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने में मीडिया की भूमिका को नज़रंदाज़ नहीं किया जा सकता. श्री बोरा ने कहा कि भारत के संविधान ने समानता प्रदान किया हैं, लेकिन नागरिकों में जागरूकता व चेतना के अभाव के कारण व्यवहारिक रूप में लागू नहीं हो पा रहा हैं, मीडिया का कर्त्तव्य हैं कि संवैधानिक नैतिकता और मूल्यों को आमजन तक प्रसारित करें.
कार्यक्रम की संरक्षक डॉ. जयती शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर एवं कोऑर्डिनेटर, एमिटी स्कूल ऑफ़ कम्युनिकेशन, एमिटी यूनिवर्सिटी, जयपुर ने कहा कि समकालीन मीडिया विश्वसनीयता के संकट से गुज़र रहा है ऐसे में मीडिया को सुनिश्चित करना होगा कि बंधुत्व, समानता, स्वतंत्रता, एकता की दिशा के साथ नागरिकों को उनके मौलिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जाये. कार्यक्रम के समापन पर डॉ शर्मा ने सभी गणमान्य अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापन किया. वेबिनार में शिक्षाविदों, कानूनी और न्यायिक विशेषज्ञों, मीडिया के प्रतिनिधियों, भावी पत्रकारों तथा छात्र-छात्राओं ने भाग लिया.

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