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राजधानी लखनऊ में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी और प्रदर्शन…

राजधानी लखनऊ में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी और प्रदर्शन…

दीपक ठाकुर

लगभग 13 दिन से ऊपर का समय हो चुका है। कई बार की वार्ता के बावजूद किसानों का धरना प्रदर्शन जारी है क्योंकि किसान और सरकार का गतिरोध सिमट नही रहा इस मुद्दे को लेकर सपा की सियासत अपने चरम पर दिखाई दे रही है।किसानों के समर्थन में कन्नौज कूच करने वाले सपा मुखिया अखिलेश यादव लखनऊ में धरने पर बैठे हुए हैं।आपको बता दें इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जब कन्नोज के लिए निकले तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था उसके बाद सपाई जगह जगह धरना प्रदर्शन करते नज़र आने लगे।
जिस पर पुलिस ने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज भी किया।

आपको बता दें कि किसानों का समर्थन करते हुए अखिलेश यादव ने कन्नौज में ट्रैक्टर चला कर अपना विरोध प्रदर्शन करने का आवाहन किया था। जिसको देखते हुुुए उत्तर प्रदेश की पुलिस और सरकार ने रात से ही उनके आवास के आसपास घेराबंदी कर दी थी और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया था। जिसके बाद आज सुबह काफी तादाद में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का पार्टी कार्यालय पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। कई विधायक भी समाजवादी पार्टी के जब पार्टी दफ्तर पहुंचे तो वहां पर पुलिस ने उन को हिरासत में ले लिया था।

अखिलेश को उनके आवास में ही पुलिस ने नजर बंद कर दिया था। लेकिन अखिलेश यादव अपने समाजवादी कार्यकर्ताओं के साथ बैरी कटिंग तोड़ते हुए बंदरिया बाग चौराहे पर जा पहुंचे। जिसको देखते हुए उत्तर प्रदेश की पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया था। बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव ने साफ तौर पर कह दिया है कि वह किसानों का समर्थन करते रहेंगे।उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों से भी समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को किसान समर्थन करने के विरोध में हिरासत में लिया गया है।
आपको बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोकसभा अध्यक्ष को एक पत्र लिखकर कहा है कि महोदय, मैं लोकसभा का सदस्य तथा समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ साथ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री पद पर अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी का निर्वहन कर चुका हूं। किसानों के समर्थन में मेरा पूर्व घोषित कार्यक्रम था वहां सभी तैयारियां हो चुकी है। उत्तर प्रदेश की सरकार के निर्देश पर मुझें कार्यक्रम में जाने से रोका गया है। विक्रमादित्य मार्ग लखनऊ स्थित मेरे आवास पर भारी पुलिस बल लगा है। मेरे वाहनों को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। राज्य सरकार का यह अलोकतांत्रिक व्यवहार मेरे नागरिक अधिकारों का
हनन है।

यह मामला सांसद होने के नाते विशेषाधिकार के हनन का भी है। कृपया तत्काल हस्तक्षेप करें ताकि अपनी लोकतांत्रिक गतिविधियों को सम्पन्न करने का मेरा अधिकार बहाल हो सके।वही दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर किसानों को भड़काने और गुमराह करने का आरोप लगाया है साथ ही कहा है कि प्रदेश की कानून व्यवस्था सुचारू रूप से चलने देने के लिए वो हर सम्भव प्रयास करेंगे।

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