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रीजेंसी सुपरस्पेशलटी हॉस्पिटल, लखनऊ में 29 वर्षीय महिला की जान बचाने के लिए विशालकाय ट्यूमर का लेप्रोस्कोपिक एक्सीजन किया गया

रीजेंसी सुपरस्पेशलटी हॉस्पिटल, लखनऊ में 29 वर्षीय महिला की जान बचाने के लिए विशालकाय ट्यूमर का लेप्रोस्कोपिक एक्सीजन किया गया

20 फ़रवरी 2020, लखनऊ: रीजेंसी सुपरस्पेशलटी हॉस्पिटल, लखनऊ की डॉक्टरों की जीआई सर्जरी टीम ने 29 वर्षीय महिला की जान रेट्रोपरिटोनियल लिपोसारकोमा का लेप्रोस्कोपिक एक्सीजन करके बचायी। रेट्रोपरिटोनियल लिपोसारकोमा कैंसर का एक दुर्लभ प्रकार है। इस मरीज का केस कॉम्प्लिकेटेड होने के साथ-साथ बहुत दुर्लभ था क्योंकि वह रेट्रोपरिटोनियल लिपोसारकोमा से पीड़ित थी। इस तरह की कंडीशन मात्र 1% से भी कम लोगों में यह देखने को मिलता है और इसके लिए हाई एक्सपर्टाईज मेडिकल ग्रुप की जरुरत होती है।

मरीज श्रीमति नीलम वर्मा को रीजेंसी सुपरस्पेशलटी हॉस्पिटल, लखनऊ में तब लाया गया जब उन्हें कुछ महीने से पेट दर्द और सूजन की शिकायत हुई। जांच करने पर पता चला कि उनमे रेट्रोपरिटोनियल में लिपोसारकोमा बढ़ रहा था या यह पेट के अंगों को ढंकने वाली झिल्ली थी। वह पिछले एक साल से इससे पीड़ित थी और वह कई हॉस्पिटल में दिखा चुकी थी लेकिन उनमें से किसी ने भी कम जटिल ऑपरेशन प्रक्रिया का सुझाव नहीं दिया।

इस केस पर बात करते हुए रीजेंसी सुपरस्पेशलटी हॉस्पिटल, लखनऊ के सीनियर कंसल्टेंट, एमएस- एम सीएच (जीआई सर्जरी) डॉ प्रदीप जोशी ने कहा, “लिपोसारकोमा एक कैंसर होता है जो मोटी कोशिकाओं की वजह से होना शुरू होता है। लिपोसारकोमा कहीं भी हो सकता है लेकिन यह सबसे ज्यादा पेट या लिम्ब्स में विकसित होता है। हालांकि इस केस में यह बहुत ज्यादा कॉम्प्लीकेटेड हो गया था क्योंकि सर्जरी करने से इन्फेक्शन हो सकता था और भविष्य में इन्सिजन्ल हर्निया हो सकता है इसके अलावा उसे हॉस्पिटल में काफी समय तक रहना पड़ सकता था। क्योंकि वह इस कंडीशन से पिछले एक साल से पीड़ित थी, इसलिए उन्हें तुरंत इलाज की जरुरत थी। हमने रेट्रोपरिटोनियल लिपोसारकोमा का लेप्रोस्कोपिक एक्सीजन किया क्योंकि इसमें बहुत ही कम खतरा था। सामान्य तौर पर इस तरह के बड़े ट्यूमर का इलाज लार्ज इन्सिजन वाली ओपन टेकनिक द्वारा किया जाता है लेकिन अनुभवी डाक्टरों द्वारा इसका इलाज लेप्रोस्कोपिक सर्जरी द्वारा न्यूनतम खतरे के साथ किया जाता है। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी से दर्द बहुत कम होता है, हॉस्पिटल में कम समय के लिए रहना पड़ता है और शरीर में बिना किसी कट के जल्दी से उभरने में मदद मिलती है।”

इस प्रक्रिया ने न केवल मरीज को कष्टदायी दर्द से छुटकारा दिलाया बल्कि सर्जरी के तुरंत बाद उसे सामान्य जीवन में वापस ला दिया। कोरोनावायरस महामारी के दौरान इस तरह की सर्जरी सबसे बढ़िया होती है क्योंकि यह आपके हॉस्पिटल में रहने के समय को सीमित कर देती है। हॉस्पिटल में कोरोनोवायरस और हॉस्पिटल अधिग्रहित संक्रमण (HAI) दोनों के संपर्क में आने की संभावना ज्यादा होती है।

रीजेंसी सुपरस्पेशलटी हॉस्पिटल, लखनऊ में एसोसिएट कंसलटेंट, डॉ सौरभ वर्मा ने कहा, “हमारी बेहतरीन टीम और एडवांस मेडिकल उपकरणों की उपलब्धता होने से हमारा काम सफल हो पाया। इसके तरह के केसेस सामान्य तौर पर मेट्रोपोलिटिन शहरों में ले जाए जाते है। मेट्रोपोलिटिन शहरों में मेडिकल फैसिलिटी एडवांस होती है। चूँकि हमारे पास भी हाई-एंड एडवांस उपकरण और हाई एक्सपर्टाइज की टीम मौजूद है इसलिए हमने इस तरह की सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। हम इस तरह की काम्प्लेक्स किडनी प्रोसीजर को लगातार करते आ रहे है। हमें ख़ुशी है कि हम लखनऊ में इस तरह के मुश्किल केसेस को सबसे अच्छी तरह से हैंडल करते है।”

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