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आठवां सबरंग फिल्म अवार्ड 13 अप्रैल को लखनऊ में

आठवां सबरंग फिल्म अवार्ड 13 अप्रैल को लखनऊ में

लखनऊ, 4 अप्रैल 2021: लखनऊ (4 अप्रैल) भोजपुरी पंचायत द्वारा आयोजित भोजपुरी फिल्म जगत का बहुचर्चित अवार्ड सबरंग फिल्म अवार्ड इस बार राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आगामी 13 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। आम फिल्म अवार्ड से अलग इस बार अवार्ड शो से पूर्व उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा फिल्मों के विकास के लिए उठाए गए कदम पर भी चर्चा होगी। इसकी जानकारी होटल हिल्टन इन गार्डन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में भोजपुरी फिल्मों के जुबली स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ, अभिनेत्री आम्रपाली दुबे, अभिनेता मनोज टाईगर, सबरंग फिल्म अवार्ड के आयोजक कुलदीप श्रीवास्तव और इंडो अमेरिकन चैम्बर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) की एक्जीक्यूटिव काउंसिल मेम्बर, यूपी कमेटी के चेयरमैन व लखनऊ चेप्टर के चेयरमैन मुकेश सिंह ने दी। इस मौके पर सबरंग के आयोजन समिति से जुड़े उदय भगत , मनीष सिंह भी मौजूद थे। कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि समारोह में वरिष्ठ अभिनेता कुणाल सिंह,भाजपा सांसद व अभिनेता रवि किशन, दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, खेसारी लाल यादव, आम्रपाली दुबे, अंजना सिंह, काजल राघवानी निर्माता अभय सिन्हा, रत्नाकर कुमार सहित भोजपुरी फिल्म जगत के सभी कलाकार व टेक्नीशियन मौजूद रहेंगे। इसके अलावा कई देशों में भोजपुरी भाषा व संस्कृति के प्रचार प्रसार से जुड़े कई अप्रवासी भारतीय भी समारोह में मौजूद रहेंगे। अवार्ड समारोह की शुरुआत में एक घंटे का चर्चा सत्र भी होगा जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा फिल्मों के विकास हेतु उठाये गए कदम पर चर्चा होगी ।

मुकेश सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम में इंडो अमेरिकन चैम्बर आफ काॅमर्स के जुड़ने से भोजपुरी सिनेमा को देश के बड़े उद्योगपतियों के माध्यम से वित्तीय प्रबन्धन के लिए प्लेटफार्म मिलेगा। सरकार की फिल्म नीतियों में सहयोग प्रदान करने के लिए चैम्बर सहयोग करेगा, जिससे सरकार और भोजपुरी सिनेमा दोनों को मदद मिलेगी। ग्रामीण अंचलों तथा छोटे कस्बों से आने वाले नवोदित कलाकारों को अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। स्थानीय स्तर पर फिल्मों के निर्माण से रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने कहा कि भोजपुरी भाषा की फिल्मों को यूपी, बिहार, झारखण्ड और नेपाल में बेइंतहा प्यार मिलता है। भोजपुरी फिल्मों की लोकप्रियता भारत में तो है ही, दूसरे देशों में भी भोजपुरी भाषा की फिल्मों को दर्शकों का स्नेह मिल रहा है। दर्शकों के प्रेम और स्नेह से ही कलाकारों और निर्माताओं का उत्साह बढ़ता है। हमारी कोशिश रहती है कि अधिक से अधिक फिल्मों की शूटिंग अपने प्रदेश में हो तथा नए कलाकारों को काम करने का अवसर मिले।

मनोज सिंह टाइगर ने कहा कि यूपी में फिल्म सिटी बनाने की बात जोर-शोर से चल रही है। जब यहां पर फिल्म इंडस्ट्री लगेगी तो स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। हम सभी का यही प्रयास होगा कि उत्तर प्रदेश विकास के साथ-साथ कला और संस्कृति का संगम बने।

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