विद्यालय प्रबन्धकों के तीसरे वार्षिक समारोह में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री ने किया शिरकत……..

वित्तविहीन विद्यालयों का शिक्षा में बड़ा योगदान: राज्य मंत्री अनुपमा……

नगर पालिका हाल में हुए वित्तविहीन विद्यालयों की तृतीय वर्षगाठ कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुची राज्यमंत्री अनुपमा जयसवाल

बहराइच :(अब्दुल अजीज) NOI:- राष्ट्रीय वित्तविहीन विद्यालय प्रबन्धक विकास मंच द्वारा नगर पालिका परिषद बहराइच के सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष नदीम मन्ना की अध्यक्षता में आयोजित तृतीय स्थापना दिवस एवं शिक्षक उन्नयन गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार), बाल विकास एवं पुष्टाहार, राजस्व एवं वित्त (एम.ओ.एस.) अनुपमा जायसवाल ने कहा कि वित्तविहीन विद्यालय कम संसाधनों के बावजूद प्रदेश के बच्चों को शिक्षित व संस्कारवान बनाने में अमूल्य योगदान प्रदान कर रहे हैं। श्रीमती जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार सबका साथ सबका विकास के एजेण्डे के तहत कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कोई देश, राज्य अथवा समाज शिक्षा के बिना तरक्की नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि अशिक्षा के अंधकार को मात्र शिक्षा रूपी मशाल से ही दूर किया जा सकता है। शिक्षा रूपी इस मशाल को जलाये रखने में वित्तविहीन विद्यालय भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। 

श्रीमती जायसवाल ने कहा कि वित्तविहीन विद्यालयों की जो भी समस्याएं हैं उन्हें वे सरकार के समक्ष रखेंगी और उनका समाधान कराने का प्रयास करेंगी। श्रीमती जायसवाल ने जनपद की शिक्षण संस्थाओं विशेषकर वित्तविहीन विद्यालयों का आहवान्ह किया कि छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करें जिससे यहाॅ के युवक-युवतियाॅ भविष्य में आईएएस, आईपीएस, चिकित्सक व डाक्टर बन कर जनपद का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा से दूर रखने वाले उसके शत्रु हैं चाहें वह उसके माता-पिता ही क्यों न हो। श्रीमती जायसवाल ने तृतीय स्थापना दिवस के अवसर पर विकास मंच के सभी पदाधिकारियों को बधाई देते हुए सभागार में मौजूद सभी लोगों का आहवान्ह किया कि बच्चों को हर हाल में शिक्षित करें।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नदीम मन्ना, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम करन टेकड़ीवाल, पूर्व न.पा. अध्यक्ष हाजी रेहान खां, हरीश जायसवाल, परवेज अहमद, मकीम अहमद मेकरानी, हाजी असद, रजनीश नन्दन, श्यामजी तिवारी, उमेश शुक्ला, विन्देश्वरी प्रसाद पाल, शेख मशकूर इश्तियाक, शाश्वत जोशी, अबरार अहमद सिद्दीकी, शकील अहमद, कारी अबरार कासिम जीलानी, आशिफ करमानी, संतोष पाण्डेय, राहुल सिंह, रेशमा सिद्दीकी, रामगोपाल पाण्डेय व जितेन्द्र सिंह जीतू ने भी अपना विचार व्यक्त किया।

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