फर्रुखाबादः योगी सरकार स्वच्छता अभियान के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। जिसके लिए योगी सरकार ने गंगा के किनारे बसे सभी गांव में शौचालय के लिए पैसा दिया। गांव के प्रधान ने ग्राम विकास अधिकारी से मिलकर पैसा तो निकाल लिया। लेकिन पैसा निकालने के बाद भी दोनों ने गांव में कोई शौचालय नहीं बनवाया।
जानकारी के मुताबिक विकास खण्ड बढपुर क्षेत्र की ग्राम सभा अमेठी कोना में लगभग 50 प्रतिशत लोगों के घरों में शौचालय नहीं है।यह गांव में शौचमुक्त गांव भी स्वच्छ भारत मिशन की हकीकत को उजागर करने में काफी हैं। गांव के प्रधान सरकारी पैसों को गांव के विकास की जगह अपने विकास में ज्यादा लगाते दिखाई दे रहे हैं। जिस ग्राम सभा में नाली की जगह पानी बह रहा हो उस गांव के विकास की क्या बात करेंगे। वहीं जिला पंचायत राज अधिकारी अमित त्यागी का कहना है कि विभागाध्यक्षों के अनुरोध पर सफाई कर्मियोंं की तैनाती गई है। इसमें वे कुछ नही कर सकते हैं। जहां तक शौचालय निर्माण की बात है तो अभी बजट खत्म हो गया है। जैसे ही बजट आता है वैसे ही शेष लोगों के लिए शौचालय का निर्माण कराया जाएगा।

इस ग्रामसभा में कुछ लोगों ने अपने पैसे से शौचालय बनवा लिए तो किसी के पूर्व प्रधान ने बनवा दिए थे।लेकिन ज्यादातर घरों में शौचालय नहीं है। गांव में गलियां तो है लेकिन हर गली में कीचड़ भरा दिखाई दे रहा है। ऐसे में मोदी योगी के स्वच्छता अभियान की खुलेआम धज्जियां उड़ती दिखाई दे रही है।

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