नई दिल्ली
रेलवे ने कहा है कि हाल ही में शुरू की गई 90 हजार भर्तियों की प्रक्रिया अगले साल मार्च तक पूरी होने की संभावना है। रेलवे को अब तक इन पदों के लिए तीन करोड़ से अधिक आवेदन मिल चुके हैं लेकिन इनमें से 2.37 करोड़ आवेदन ही ऐसे हैं, जो वैध हैं। यह जानकारी देते हुए रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी ने बताया कि इस बार रेलवे परीक्षा के लिए इस तरह से इंतजाम करेगा कि पेपर लीक की आशंका ही नहीं रहेगी।
पेपरलीक की आशंका से जुड़े सवालों पर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि यह परीक्षा ऑनलाइन कराई जाएगी और इसके लिए एक बड़ा क्वेश्चन बैंक तैयार किया जा रहा है। इस तरह से भर्ती परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों को कंप्यूटर के जरिए अलग-अलग प्रश्न मिलेंगे। इस तरह से पहले से तैयार प्रश्नपत्र लीक होने का सवाल ही पैदा नहीं होता। चूंकि क्वेश्चन बैंक बहुत बड़ा होगा, ऐसे में किसी के लिए यह संभव नहीं रहेगा कि परीक्षा में आने वाले सवालों का पू्र्वानुमान लगाया जा सके।
मार्च तक प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इन पदों के लिए एक ही परीक्षा की जाए या फिर प्राथमिक और फाइनल के रूप में दो स्तरीय परीक्षा हो, इस पर अभी फाइनल फैसला नहीं हो सका है। हालांकि रेलवे की यह कोशिश होगी कि इस वित्तीय साल के अंत तक नियुक्तियों की प्रक्रिया को पूरा किया जा सके।
57 लाख लोग हुए थे परीक्षा में शामिल
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इससे पहले अंतिम बार जब नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू की थी, उस समय रेलवे को भर्ती के लिए 92 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था लेकिन परीक्षा में सिर्फ 57 लाख ही शामिल हुए थे जबकि रेलवे ने 92 लाख के लिए परीक्षा का प्रबंध किया था। ऐसे में रेलवे को इन इंतजामों पर खर्च हुई मोटी रकम बर्बाद हो गई थी। इसी वजह से इस बार रेलवे ने परीक्षा के आवेदन के साथ पांच सौ रुपये की फीस रखी थी। इसमें से परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को बाद में उनकी मूल फीस राशि के अलावा बाकी राशि वापस कर दी जाएगी।

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