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Tuesday, December 6, 2022

अमेरिका के ड्रोन हमले में अलकायदा प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी ढेर

नई दिल्ली। संयुक्त राज्य अमेरिका की तरफ से किए गए ड्रोन हमले में अलकायदा के प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी ढेर हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस बात की जानकारी दी है। खबर है कि साल 2011 में ओसामा बिन लादेन के खात्मे के बाद इसे बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।

वहीं, इसके बाद तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने भी हमले की पुष्टि की और कहा कि 31 जुलाई को काबुल शहर के शेरपुर इलाके में एक रिहायशी मकान पर हवाई हमला किया गया। उन्होंने कहा कि पहले घटना की प्रकृति स्पष्ट नहीं थी, लेकिन इस्लामिक अमीरात की सुरक्षा और खुफिया सेवाओं ने घटना की जांच की और शुरुआती निष्कर्षों ने निर्धारित किया कि हमला एक अमेरिकी ड्रोन द्वारा किया गया था।

बाइडन ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि शनिवार को, मेरे निर्देश पर, संयुक्त राज्य अमेरिका ने अफगानिस्तान के काबुल में सफलतापूर्वक हवाई हमला किया और अल कायदा अमीर अयमान अल-जवाहिरी को मार गिराया। जो बाइडन ने कहा कि न्याय दिया गया है, इसमें कितना भी समय लगे, चाहे आप कहीं भी छिप जाएं, अगर आप हमारे लोगों के लिए खतरा हैं, तो अमेरिका आपको ढूंढेगा और आपको बाहर निकालेगा।

बाइडन ने कहा कि जवाहरी 9/11 पर आतंकवादी हमलों के समय ओसामा बिन लादेन का नेता, उसका नंबर दो आदमी और उसका डिप्टी था। वह 9/11 की योजना में गहराई से शामिल था। जब मैंने लगभग एक साल पहले अफगानिस्तान में अपने सैन्य मिशन को समाप्त कर दिया, तो मैंने फैसला किया कि 20 साल के युद्ध के बाद, संयुक्त राज्य अमेरिका को अब अफगानिस्तान में जमीन पर हजारों जूतों की जरूरत नहीं है, जो अमेरिका को उन आतंकवादियों से बचाने के लिए जो हमें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि मैंने अमेरिकी लोगों से वादा किया था कि हम अफगानिस्तान और उसके बाहर प्रभावी आतंकवाद विरोधी अभियान जारी रखेंगे। हमने बस यही किया है। आतंकी के सिर पर 25 मिलियन डॉलर का इनाम था। खबर है कि वह भी 11 सितंबर 2001 में हुए हमले में शामिल रहा था, जिसमें करीब 3000 लोगों की मौत हो गई थी। रॉयटर्स के अनुसार, गोपनीयता की शर्त पर अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर रविवार सुबह ड्रोन स्ट्राइक की थी।

बता दें कि हाल ही में कई बार जवाहिरी की मौत की अफवाहें सामने आई थीं। वहीं, यह भी कहा जा रहा था कि वह लंबे समय से बीमार है। अब आतंकी नेता की मौत से सवाल उठ रहे हैं कि क्या अगस्त 2021 में काबुल पर तालिबान के नियंत्रण हासिल करने के बाद उसे शरण मिली हुई थी।

 

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