कागजों में कार्य पूरा हकीकत में अधूरा ,जाने क्या है मामला

 

सीतापुर -अनूप पाण्डेय,राहुल मिश्रा/NOI-उत्तरप्रदेश जनपद सीतापुर के मिश्रित ब्लाक गांव में लोगों को खुले में शौच के लिए ना जाना पड़े इसके लिए चलाई जा रही मुहिम भ्रष्टाचार में उलझ गई है सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांव को ओडीएफ आदर्श गांव सरकार ने घोषित करने से पहले तो अधिकारियों ने कोई कसर नहीं छोड़ी गांव गांव स्वच्छता जागरूकता के ढोल पीते गए और घर घर शौचालय बनवाने का दावा किया गया अधिकारियों समेत प्रधान एवं ग्राम विकास अधिकारी ने सरकारी तमाम हासिल कर खूब वाहवाही भी लूटी लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत निकली जिसमें निवर्तमान प्रधान एवं ग्राम विकास अधिकारी ने मिलकर कागजों पर ऐसा खेल रचा डाला कि इन आधे अधूरे शौचालय को कागजों पर पूरा दिखा लाखों का वारा न्यारा कार योगी सरकार को बदनाम करने की कोई कोर कसर नहीं छोड़ी पूरा मामला विकासखंड मिश्रिख के ग्राम पंचायत ऑट का है 2017 से 2020 में केंद्र सरकार के द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत शौचालय निर्माण होना था लेकिन ग्राम पंचायत ऑट विकास कार्य कुछ नहीं हुआ तत्कालीन प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी ने मिलकर शौचालय के नाम पर धन का खूब बंदरबांट किया अधूरे पड़े शौचालय को कागज पर पूरा दिखाकर लाखों रुपए का गमन कार डाला आधे अधूरे इज्जत घरों के चलते ग्रामीणों के सामने इज्जत बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है बहुत से शौचालय की चहारदीवारी खड़ी कर दी गई है लेकिन छत नहीं है कहीं दरवाजे और कमोड लगाना ही भूल गए शौचालय के नाम कोठारी बना कर उस पर इज्जत घर लिखवा झटपट लीपापोती करवा दी शौचालय निर्माण में हुए इस भ्रष्टाचार किया ऐसे कहां हो जहां पर शौचालय में कंडा भरे हुए हैं सूत्र बताते हैं प्रधान ग्राम विकास अधिकारी ने जमकर भ्रष्टाचार किया है ऐसे गांव हैं मुडियारा गांव लकड़िया मऊ गांव परसौली गांव बहुती गांव राम साला गांव लखना पुर बीबीपुर दशरथपुर तेलियानी गांव आठवां गांव बिठौली गांव इस्लामनगर ग्राम पंचायत गोपालापुर कुतुबनगर गांव इमलिया ग्राम पंचायत रामपुरभूडा ग्राम पंचायत परसपुर ग्राम ऐसी ग्राम पंचायत है दर्जनों जहां पर जमकर भ्रष्टाचार हुआ है अगर जमीनी स्तरीय जांच हो जाए सच्चाई को सामने आ जाएगी

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