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Tuesday, December 6, 2022

नगर विकास मंत्री ने बाढ़ प्रभावित जिलों के बाढ़ राहत व प्रबंधन कार्यों की समीक्षा

जीर्ण शीर्ण मकानों और भवनों की स्थिति का जायजा लेने और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने बुधवार को प्रदेश में बाढ़ प्रभावित जिलों में बाढ़ राहत एवं प्रबंधन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बाढ़ प्रभावित ज़िलों के नगर निकायों में राहत-बचाव व संचारी रोगों के निवारण के लिए ज़रूरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

मंत्री ने जलभराव की स्थिति में पानी की बेहतर निकासी सुनिश्चित करने और जिन इलाकों से पानी निकल गया है वहां सफाई करके दवा का छिड़काव सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बुधवार को स्थानीय निकाय निदेशालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। इस दौरान बाढ़ प्रभावित जिलों के नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों (EOs) के साथ नगर विकास प्रतिनिधि जुड़े।

नगर विकास मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में प्रमुख सचिव अमृत अभिजात, विशेष सचिव सुनील कुमार चौधरी, निदेशक स्थानीय निकाय नेहा शर्मा के साथ अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे। श्री शर्मा ने अम्बेडकरनगर, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलरामपुर, बाराबंकी, बस्ती, बुलंदशहर, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी, कुशीनगर, महाराजगंज, मऊ, गोंडा, संत कबीरनगर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, सीतापुर समेत अन्य जिलों के नगर निकाय के प्रतिनिधियों से बात की। मंत्री ने सभी नगर निकायों की स्थितियों का जायजा लिया।

इस दौरान राज्य के बरेली मंडल के प्रभारी मंत्री के रूप में मंडलायुक्त एवं मंडल के चारों ज़िलों के अधिकारियों के साथ वर्षा व जल भराव से उत्पन्न परिस्थतियों की समीक्षा की। ऊर्जा विभाग के उच्च अधिकारी भी उपस्थित रहे।

ये निर्देश किए जारी

नगर विकास मंत्री ने प्रदेश की सभी नगर निकायों को जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए बेहतर प्रबंधन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में पानी भरा है उसे वहां से पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए। जलभराव की स्थिति के बाद संचारी रोग फैलने की आशंका रहती है। संचारी रोग न फैलें इसके लिए सतर्कता बरतनी होगी।

उन्होंने एंटी लार्वा दवा का छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी नगर निकायों को निर्देश दिए कि किसी भी मेनहोल का ढक्कन न खुला रह जाए। ऐसे में हादसे की आशंका बनी रहती है। मंत्री ने बाढ़ प्रभावित नगर निकायों में हेल्पलाइन नम्बर जारी करने का सुझाव दिया। इससे प्रभावित व्यक्ति सीधे मदद प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा उन्होंने जीर्ण शीर्ण मकानों और भवनों की स्थिति का जायजा लेने और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी नगर निकायों को गौशालाओं पर विशेष ध्यान देने के लिए निर्देशित किया। बैठक में ऊर्जा विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। ऊर्जा मंत्री ने प्रभावी इलाकों में जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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