प्रयागराज: स्कूल शिक्षिका वंदना सिंह बनी पैड वुमन, वेतन का 10 प्रतिशत करती है खर्च

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद में स्कूल शिक्षिका अब पैड वुमन बन गई है। जिले के सोरांव शहर में अब उन्हें पैड वुमन कहा जाता है। महिलाएं और लड़कियां उनके आने का इंतजार करती रहती हैं। जानकारी के अनुसार, इंटर कॉलेज की अंग्रेजी शिक्षिका वंदना सिंह सैनिटरी पैड साथ ले जाती है और उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और लड़कियों के बीच वितरित करती है।

शिक्षिका वंदना सिंह सप्ताह में 500 से 1,000 पैड वितरित करती हैं। वह अब तक 1.25 लाख से अधिक सैनिटरी पैड वितरित कर चुकी हैं और उनका लक्ष्य 5 लाख का आंकड़ा छूना है। चार साल पहले एक रिश्तेदार को खो चुकीं वंदना, मासिक धर्म की स्वच्छता की कमी के कारण, अब हर महीने अपने वेतन का लगभग 10 प्रतिशत सैनिटरी पैड खरीदने में खर्च करती हैं।

उन्होंने कहा, मासिक धर्म के दौरान उचित स्वच्छता की कमी से गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। जब मैंने ग्रामीण महिलाओं के बीच सैनिटरी पैड बांटना शुरू किया, तो लोग मेरा मजाक उड़ाते थे। मैं ग्रामीण महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता के बारे में सूचित करती रही और उन्हें सैनिटरी पैड मुफ्त में देती रही। वंदना ने स्वीकार किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं और लड़कियां अभी भी मासिक धर्म स्वच्छता के बारे में जागरूक नहीं हैं और हमें इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, जब मैंने महिलाओं की काउंसलिंग शुरू की तो कुछ लोगों ने भद्दे कमेंट्स भी किए और कहा कि एक महिला होने के नाते वह इस तरह की बात करती हैं। लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी और अपना काम जारी रखा और धीरे-धीरे अपने प्रयासों में सफल रही। उन्होंने महिलाओं को सैनिटरी पैड बनाने के लिए प्रशिक्षित करने के लिए पांच सिलाई मशीनें भी खरीदी हैं और इस पहल का और विस्तार करने की योजना है।

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