टोक्यो पैरालिंपिक: भारतीय पैरा एथलीटों के नाम रहा आज का दिन, सुमित अंतिल ने दिलाया दूसरा गोल्ड

नई दिल्ली। जापान की राजधानी टोक्यो में खेले जा रहे पैरालिंपिक खेलों में सोमवार का दिन भारतीय पैरा एथलीटों के नाम रहा । उन्होंने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीत डाले। भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल ने सोमवार को टोक्यो पैरालंपिक खेलों में पुरूषों की एफ64 स्पर्धा में कई बार वर्ल्ड रिकार्ड तोड़ते हुए भारत को पैरालंपिक में दूसरा गोल्ड मेडल दिलाकर खेलों में शानदार डेब्यू किया।

हरियाणा के सोनीपत के 23 साल के सुमित ने अपने पांचवें प्रयास में 68.55 मीटर दूर तक भाला फेंका जो दिन का बेस्ट प्रदर्शन और एक नया वर्ल्ड रिकार्ड था। हालांकि उनका अंतिम थ्रो ‘फाउल रहा। उनके थ्रो की सीरीज 66.95, 68.08, 65.27, 66.71, 68.55 और फाउल रही। ऑस्ट्रेलिया के मिचाल बुरियन (66.29 मीटर) और श्रीलंका के डुलान कोडिथुवाक्कू (65.61 मीटर) ने क्रमश: सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीते।

एफ64 स्पर्धा में एक पैर कटा होने वाले एथलीट कृत्रिम अंग (पैर) के साथ खड़े होकर हिस्सा लेते हैं। सुमित ने 2012 में मोटरबाइक दुर्घटना में उन्होंने बायां पैर घुटने के नीचे से गंवा दिया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुमित को फोन कर उनको जीत की बधाई दी।

इसके अलावा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी ट्वीट कर सुमित को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि पैरालंपिक में भी गाड़ दिया हरियाणा के छोरे नै लठ! सुमित ने भाला फेंक खेल में वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतकर हरियाणा वासियों के साथ-साथ पूरे हिंदुस्तान का दिल जीत लिया है, उनके इस ऐतिहासिक प्रदर्शन पर उन्हें ढेर सारी बधाई एवं शुभकामनाएं।

दिल्ली के रामजस कॉलेज के छात्र अंतिल दुर्घटना से पहले पहलवान थे। दुर्घटना के बाद उनके बाएं पैर को घुटने के नीचे से काटना पड़ा। उनके गांव के एक पैरा एथलीट 2018 में उन्हें इस खेल के बारे में बताया। वह पटियाला में पांच मार्च को पटियाला में इंडियन ग्रां प्री सीरीज 3 में ओलंपिक चैम्पियन नीरज चोपड़ा के खिलाफ खेले थे जिसमें वह 66.43 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ सातवें स्थान पर रहे थे जबकि चोपड़ा ने 88.07 मीटर के थ्रो से अपना राष्ट्रीय रिकार्ड तोड़ा था।

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