जब एंबुलेंस में गूंजी शिशु के रोने की आवाज

 

चालक व आशा ने कराया सुरक्षित प्रसव जच्चा-बच्चा महिला अस्पताल में भर्ती

सीतापुर-अनूप पाण्डेय, कृष्ण मोहन मिश्रा(राहुल)-NOI-उत्तरप्रदेश जनपद सीतापुर में सुबह के 7:00 बजने में कुछ मिनट शेष है इसी बीच एंबुलेंस सेवा 102 के एक इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) के फोन की घंटी बजती है । नींद में अलसाये हुए वह फोन उठाते हैं तो पता चला कि उन्हें एक गर्भवती को लेकर जिला चिकित्सालय आना है, वह अपने साथी एंबुलेंस चालक से बात करते हैं और बिना देरी किए एंबुलेंस लेकर निकल पड़ते हैं कुछ ही देर में एंबुलेंस एरिया ब्लॉक के मलका नगर गांव में पहुंच जाती है यहां प्रसव पीड़ा से कराह रही देवकी(35) को एंबुलेंस में लिटाया जाता है। इसके बाद सायरन बजाती एंबुलेंस जिला महिला चिकित्सालय की वह सरपट भागने लगती है। इस एंबुलेंस में आशा कार्यकर्ती के साथ देवकी का पति रविंद्र और परिवार की एक अन्य महिला भी सवार हो जाती है एंबुलेंस अभी कुछ ही दूरी तय कर पाती है कि देवकी प्रसव पीड़ा से तड़प उठती है उसकी स्थिति देखकर ई एम टी सुएब हसन साथी पायलट हरिशंकर से एंबुलेंस सड़क के किनारे खड़ी करने को कहते हैं।इसके बाद वह अपने अनुभवों का लाभ लेते हुए चालक व आशा कार्यकर्ती बिट्टो देवी के साथ मिलकर एंबुलेंस में ही देवकी का सुरक्षित प्रसव कराते हैं देवकी ने सुबह 7:44 बजे एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। जन्म के तुरंत बाद एंबुलेंस में जैसे ही नवजात ने रोना शुरू किया, एंबुलेंस में मौजूद इन तीनों के चेहरों पर मुस्कान दौड़ जाती है। एंबुलेंस में सुरक्षित प्रसव करा कर एक नवजात की जान बचाने और जच्चा और बच्चा को सुरक्षित जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराने पर ईएमटी, चालक और आशा की पूरे स्वास्थ्य विभाग में प्रशंसा हो रही है पीएमटी शोएब हसन का कहना है की देवकी को बहुत तेज प्रसव पीड़ा हो रही थी ऐसे में यदि हम उसको लेकर अस्पताल तक ले जाते तो समय लगता और देर होने पर उसके साथ ही उसके बच्चे को भी जान का खतरा हो सकता था। इसलिए ट्रेनिंग में मिली जानकारी का उपयोग कर सुरक्षित प्रसव कराया वह बताते हैं कि शुरुआत में महिला की स्थिति देखकर लग रहा था कि स्थिति नियंत्रण से बाहर होगी। लेकिन हमने धैर्य से काम लिया और प्रशिक्षण में मिली जानकारी काम आई। आखिरकार हम सब एक सफल प्रसव करा कर जच्चा-बच्चा की जान बचाने में सफल रहे ।

 

सीएमओ डॉ मधु गैरोला का कहना है कि ई एम टी शोएब हसन चालक हरि शंकर और आशा बिट्टो देवी को इस उल्लेखनीय कार्य के लिए शीघ्र ही सम्मानित किया जाएगा।

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